भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी। इस दौरान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास तकनीकी विशेषज्ञों की टीम है, जो अलग-अलग चुनावों के आंकड़ों का अध्ययन कर रही थी। राहुल के इस बयान पर शुक्रवार को छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने एक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा- असंभव था कमलनाथ का मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 हारना। नकुलनाथ ने दावा किया कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट किया है कि बड़े पैमाने पर कथित वोट चोरी की शुरुआत मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से हुई।
उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी के मुताबिक उनकी तकनीकी विशेषज्ञ टीम ने चुनाव के आंकड़ों का अध्ययन किया था और उसे कुछ नतीजे संभव नहीं लग रहे थे। नकुलनाथ ने अपने पोस्ट में 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची को लेकर उठे विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश की मतदाता सूची में 24 लाख से ज्यादा प्रविष्टियां हटाई थीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के 2018 के रिकॉर्ड के मुताबिक जनवरी से जुलाई 2018 के बीच मध्य प्रदेश की मतदाता सूची में करीब 24 लाख प्रविष्टियों की नेट कमी हुई थी। चुनाव आयोग ने यह भी बताया था कि दोहराई गई प्रविष्टियों, मृत मतदाताओं और अन्य कारणों से सत्यापन के बाद नाम हटाए गए थे। इसलिए इसे सीधे तौर पर 24 लाख फर्जी मतदाता हटाए जाने के रूप में पेश करना आयोग के रिकॉर्ड की तुलना में अलग दावा होगा।
नकुलनाथ ने आरोप लगाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में शिकायतों के बावजूद कथित फर्जी मतदाताओं को नहीं हटाया गया। उन्होंने इसी आधार पर दावा किया कि कांग्रेस 2023 का चुनाव जीत रही थी, लेकिन कथित वोट चोरी के कारण कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार नहीं बन सकी।