खरगोन। तिथियों की घट-बढ़ के चलते 11 दिन की भक्तिमय सेवा के बाद शुक्रवार को वो घड़ी आई, जब भक्तों ने अगले बरस जल्दी आने की कामना के साथ विघ्नहर्ता श्री गणेश की मुर्तियों को विसर्जित किया। दोपहर बाद कुंदा तट पर मूर्ति विसर्जन का दौर शुरु हुआ। बाजे-गाजे के साथ विसर्जन चल समारोह निकाले गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोग अपनी श्रद्धा और भक्ति में लीन होकर बाप्पा को अंतिम प्रणाम करते नजर आए। श्रद्धालुओं ने विसर्जन से पूर्व आरती और दीपदान भी किया। कई भक्तों ने पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझते हुए मिट्टी की प्रतिमाएं विराजित की थी, जिन्हें घर पर ही विसर्जित किया गया।
कुंदा तट पर कालिका माता मंदिर के सामने बने अस्थायी कुंड पर देर शाम तक विघ्नहर्ता भगवान गणेश को विदाई दी गई। हजारों श्रद्धालुओं ने गणपति बाप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ..के जयघोष के साथ नम आंखों से बाप्पा को विदा किया।