शिवपुरी। वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर विद्या भारती ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके तहत कोलारस और बदरवास के कई स्कूलों में सामूहिक राष्ट्रगीत गाया गया। इन आयोजनों का मकसद राष्ट्रीय भक्ति, एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देना था। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों और नगरवासियों ने एक साथ राष्ट्रगीत गाया।
कोलारस के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में भी एक कार्यक्रम हुआ। इसमें बैकुंठ धाम परिवार के राजेश जी महाराज गुरुजी ने कहा कि वंदे मातरम् सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।
कार्यक्रम में विधायक महेंद्र सिंह यादव, मंडल अध्यक्ष मंगल सिंह कुशवाह, मंडल महामंत्री दीपक जैन, विद्यालय समिति के व्यवस्थापक मोहन सिंह दांगी और उपाध्यक्ष पदम जैन मौजूद रहे।
इनके अलावा रामेश्वर दयाल शिवहरे, डॉ. उदय सिंह राणा, सौरभ रघुवंशी, राहुल त्यागी, विद्यार्थी, अभिभावक, पूर्व छात्र, आचार्य-दीदी और नगरवासी भी शामिल हुए। कार्यक्रम के संयोजक संजय अग्रवाल और सहसंयोजक राजकुमार गुप्ता थे। प्रधानाचार्य मनोज कर्मी ने सभी का आभार जताया।
बदरवास के सरस्वती शिशु मंदिर में भी सामूहिक गान का आयोजन हुआ। इसकी अध्यक्षता जन शिक्षक कुलदीप ग्वाल ने की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड कार्यवाह सुरेंद्र गोस्वामी विशिष्ट अतिथि थे।
मुख्य वक्ता कपिल परिहार ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर बात की। उन्होंने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य राजीव शर्मा ने किया। इस दौरान स्कूल के पूर्व छात्र-छात्राएं और अभिभावक भी मौजूद थे।
बीटी पब्लिक स्कूल और मॉडर्न ब्राइट कैरियर स्कूल में भी ऐसे कार्यक्रम हुए। दोनों स्कूलों के करीब 500 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाई। उन्होंने एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गान किया।
मुख्य अतिथि कृष्ण गोपाल महाराज ने कहा कि वंदे मातरम् मातृभूमि के प्रति स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।