मनासा। नगर परिषद मनासा द्वारा बंद पड़े बाल मंदिर भवन को सेवा भारती को दिए जाने के फैसले के बाद अब राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। परिषद के हालिया सम्मेलन में भवन से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा और निर्णय होने की जानकारी सामने आई है।
इसी फैसले को लेकर रामप्रसाद कसेरा एवम् श्याम सोनी ने पलटवार करते हुए नगर परिषद के आधिपत्य वाले सभा गृह को सेवा भारती को दिए जाने पर आपत्ति जताई है। कसेरा का आरोप है कि भवन देने से पहले विज्ञप्ति जारी नहीं की गई और राज्य शासन की आवश्यक सहमति भी नहीं ली गई, इसलिए यह प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं है।
कसेरा एवम् ब्लॉक अध्यक्ष श्याम सोनी ने सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ो रुपयों की संपति को यदि नगर परिषद किसी संस्था को दी जा रही है, तो उसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने इस मामले में नगर परिषद से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।