चित्तौड़गढ़। मानव तस्करी विरोधी यूनिट चित्तौड़गढ़ ने सराहनीय कार्रवाई करते हुए करीब दो माह से गुमशुदा दो नाबालिग सगे भाइयों को तलाश कर उनके माता-पिता से मिलवा दिया। दोनों बालक गुजरात के जामनगर रेलवे स्टेशन पर लावारिस अवस्था में मिले थे। जामनगर पुलिस और बाल गृह संस्था के सहयोग से चित्तौड़गढ़ पुलिस ने परिजनों की तलाश शुरू की और आखिरकार दोनों बच्चों को राजसमंद जिले के कांकरोली में उनके माता-पिता से मिलवा दिया।
जामनगर रेलवे स्टेशन पर मिले थे दोनों बालक-
मानव तस्करी विरोधी यूनिट चित्तौड़गढ़ की प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुनीता गुर्जर ने बताया कि 9 अगस्त 2026 को गुजरात के जामनगर स्थित हापा रेलवे स्टेशन पर दो नाबालिग बालक लावारिस अवस्था में घूमते हुए मिले थे। स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों को जामनगर स्थित बाल गृह संस्था में आश्रय दिलाया गया। इसके बाद से बाल गृह संस्था बच्चों के माता-पिता की तलाश में जुटी थी।
बच्चों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों आपस में सगे भाई हैं। उन्होंने बताया था कि वे चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन के पास अपने माता-पिता के साथ झोपड़ी में रहते थे। उनके माता-पिता खाली बोतलें और कबाड़ इकट्ठा करने का काम करते थे।
चित्तौड़गढ़ पुलिस ने शहर के कई इलाकों में की तलाश-
बाल गृह संस्था जामनगर ने जिला पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ धर्मेंद्र सिंह से संपर्क कर दोनों बच्चों के परिजनों की तलाश में सहयोग मांगा। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मानव तस्करी विरोधी यूनिट की प्रभारी सुनीता गुर्जर, एएसआई नटवर पटवा और महिला कांस्टेबल सुशीला कुंवर की टीम ने जामनगर पुलिस एवं बाल गृह संस्था के सहयोग से तलाश अभियान चलाया।
पुलिस टीम ने चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन, ओछड़ी, प्रतापनगर, निजी बस स्टैंड, डंपिंग यार्ड सहित शहर के विभिन्न इलाकों में पूछताछ की। रेलवे स्टेशन के आसपास झोपड़ियों में रहने वाले लोगों और कबाड़ इकट्ठा करने वालों से भी जानकारी जुटाई गई। दोनों बच्चों के फोटो दिखाकर तथा उनके माता-पिता के नाम के आधार पर तलाश की गई।
कांकरोली में मिले माता-पिता, परिवार से कराया पुनर्मिलन-
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों बच्चों के माता-पिता राजसमंद जिले के कांकरोली में हैं। इसके बाद टीम ने उनके माता-पिता का पता लगाया और दोनों नाबालिग भाइयों को उनसे मिलवा दिया।
करीब दो माह बाद अपने माता-पिता से मिलकर दोनों बच्चे बेहद खुश हुए। वहीं, बाल गृह संस्था जामनगर और गुजरात पुलिस ने बच्चों को उनके परिवार से मिलवाने में सहयोग के लिए चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह एवं मानव तस्करी विरोधी यूनिट की टीम का आभार व्यक्त किया।