नीमच। नवरात्रि के पावन पर्व पर श्री भादवामाता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर परिसर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा चरणबद्ध एवं सुनियोजित तरीके से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं और अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति-
भादवामाता मंदिर के विकास के लिए हाल ही में उज्जैन संभाग आयुक्त द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें दुकानों का आधुनिकीकरण, सावन रोड पर वाहन पार्किंग, लैंडस्केपिंग, सीसीटीवी कैमरे और स्क्रीन सहित अन्य कार्य शामिल हैं। स्वीकृत कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे।
इसके अलावा मंदिर के शिखर एवं गर्भगृह निर्माण, लोक परिसर और अन्य विकास कार्यों के प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं।
13.90 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य प्रगतिरत-
मंदिर परिसर में वर्तमान में लगभग 13.90 करोड़ रुपये की लागत के निर्माण कार्य चल रहे हैं। इनमें मुख्य मंदिर के सामने हॉल निर्माण, मंदिर के प्रवेश द्वार एवं बाईं ओर पाथवे निर्माण तथा विश्रांति भवन-1 और कॉरिडोर का निर्माण शामिल है।
4 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य पूर्ण-
मंदिर परिसर में 4 करोड़ रुपये से अधिक लागत के निर्माण एवं विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इनमें नवीन प्रसादालय, सत्संग भवन, श्रद्धा भवन और नवीन प्रसादालय पर 85 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का कार्य शामिल है। इसके साथ ही बस स्टैंड से पिपलियारावजी रोड तक सीसी रोड और सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण का कार्य भी पूरा हो चुका है।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं-
भादवामाता मंदिर परिसर के विकास की कार्ययोजना धार्मिक गरिमा के अनुरूप आधुनिक एवं आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर केंद्रित है। निर्माणाधीन कार्यों के साथ प्रस्तावित शिखर एवं गर्भगृह निर्माण, लोक परिसर और अन्य विकास कार्यों को भी स्वीकृति प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर के विकास को योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।