चित्तौड़गढ़। बड़ीसादड़ी क्षेत्र के बोहेड़ा गांव स्थित भूत बावजी मंदिर के दानपात्र से नकदी चोरी करने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे एक आरोपी को जोधपुर से गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद आरोपी अपनी पहचान छिपाकर जोधपुर में मजदूरी कर रहा था। पुलिस ने गोपनीय सूचना और साइबर सेल की तकनीकी सहायता से उसे गिरफ्तार किया। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि बोहेड़ा निवासी सतीश काबरा ने 30 अगस्त 2026 को बड़ीसादड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, गांव स्थित भूत बावजी मंदिर के दानपात्र के ताले तोड़कर अज्ञात बदमाश नकदी चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी सहायता से आरोपियों की पहचान की।
जोधपुर में छिपकर कर रहा था मजदूरी
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद फरार आरोपी नानूराम पिता बाबूलाल मीणा (33), निवासी बिलियाखेड़ा, गणेशपुरा, थाना छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़, अपनी पहचान छिपाकर जोधपुर में मजदूरी कर रहा था। बड़ीसादड़ी थाना पुलिस के कांस्टेबल प्रेमाराम और अचलाराम ने जोधपुर में गोपनीय जानकारी जुटाई। इसके बाद साइबर सेल चित्तौड़गढ़ की तकनीकी सहायता से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन और बड़ीसादड़ी पुलिस उप अधीक्षक हरिशचंद्र सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी भगवानलाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। इसी टीम ने फरार आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।
कार्रवाई करने वाली टीम में एएसआई झामेश्वर सिंह, कांस्टेबल प्रेमाराम, बाबूलाल, अचलाराम, चालक रामूलाल और साइबर सेल के कांस्टेबल रामनरेश शामिल रहे।