नीमच। 70वीं राज्य स्तरीय शालेय तैराकी प्रतियोगिता में नीमच के स्विमफ्लाय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया। ग्वालियर में 6 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने 17 स्वर्ण, 11 रजत और 21 कांस्य सहित कुल 49 पदक जीतकर प्रथम उपविजेता (फर्स्ट रनर-अप) ट्रॉफी अपने नाम की। इस शानदार उपलब्धि के बाद नीमच लौटे खिलाड़ियों का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और मिठाई खिलाकर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में खिलाड़ी, अभिभावक और खेलप्रेमी मौजूद रहे।
स्विमफ्लाय के खिलाड़ी लगातार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। पुणे में आयोजित राष्ट्रीय ट्रायथलॉन प्रतियोगिता और नासिक में राष्ट्रीय लेजर रन प्रतियोगिता में सफलता के बाद राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में मिली इस उपलब्धि ने नीमच के खेल जगत में उत्साह बढ़ा दिया है।
रुद्रांशी, स्तुति और प्रथा ने जीते कई स्वर्ण पदक
प्रतियोगिता में रुद्रांशी गेहलोत ने 50, 100 और 200 मीटर फ्रीस्टाइल सहित 4×100 मीटर मेडले रिले और 4×100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में स्वर्ण पदक जीतकर पांच स्वर्ण पदक हासिल किए। स्तुति अग्रवाल ने 400 मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले और दोनों रिले स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा 200 मीटर बैकस्ट्रोक में रजत पदक हासिल किया। वहीं, प्रथा हरोड़ ने 50, 100 और 200 मीटर बैकस्ट्रोक में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
आरव शर्मा ने 50 और 100 मीटर बैकस्ट्रोक में स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य तथा दोनों रिले स्पर्धाओं में रजत और कांस्य पदक हासिल किए। आयुष शर्मा ने 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले में स्वर्ण, 200 मीटर बटरफ्लाई में रजत और रिले स्पर्धाओं में रजत व कांस्य पदक जीतकर टीम की सफलता में योगदान दिया।
अन्य खिलाड़ियों ने भी पदक जीतकर बढ़ाया मान
अधिश्री पाटीदार ने 50, 100 और 200 मीटर बैकस्ट्रोक में तीन रजत पदक जीते तथा दोनों रिले स्पर्धाओं में कांस्य पदक हासिल किए। कनिष्का गेहलोत ने 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में रजत और 50 व 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक जीते। जसलीन कौर ने मेडले रिले में स्वर्ण, 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में रजत और 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक हासिल किया।
भव्या गोदावत ने 200 मीटर बटरफ्लाई में रजत और 400 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीता। अवनी शर्मा ने फ्रीस्टाइल रिले में स्वर्ण, 100 मीटर बैकस्ट्रोक में रजत तथा 50 और 200 मीटर बैकस्ट्रोक में कांस्य पदक हासिल किए। ऋषि सागर ने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और दोनों रिले स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते, जबकि आरव बाफना ने 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले सहित दोनों रिले स्पर्धाओं में कांस्य पदक हासिल किए।
इनके अतिरिक्त मनन गुरंग, धैर्य गोयल, शिवांश चतुर्वेदी, हरमन सिंह, अनुराग पांडे, रोहित धनगर, प्रभव शर्मा, चेतन, हर्षित पंवार और लक्ष कैथवास ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर नीमच का गौरव बढ़ाया।
कोचों की मेहनत और अनुशासन ने दिलाई सफलता
इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए मेंटर प्रभु मूलचंदानी और मोटिवेटर राकेश कोठारी ने बताया कि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते यह सफलता मिली है। टीम को तैयार करने में कोच नीलेश घावरी, आयुष गौड़, सुधा सोलंकी, समीर सिंह जादौन, रोहित अहीर, नरेश कुमार और अनिल कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों की तकनीक सुधारने, उनकी क्षमताओं को निखारने और प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार करने में निरंतर मेहनत की।
खिलाड़ियों के साथ अभिभावकों की तपस्या भी रंग लाई
वॉटर स्पोर्ट्स मेंटर प्रभु मूलचंदानी ने कहा कि किसी खिलाड़ी को पदक तक पहुंचाने में खिलाड़ी और कोच के साथ अभिभावकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। सुबह चार बजे उठना, साढ़े चार बजे बच्चों को तैयार करना, पांच बजे तक स्विमिंग पूल पहुंचाना और शाम को दोबारा अभ्यास के लिए लाना अभिभावकों के लिए भी किसी तपस्या से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक समर्पण, अनुशासन और विश्वास का ही परिणाम है कि नीमच के खिलाड़ी लगातार राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
स्विमफ्लाय खिलाड़ियों की यह उपलब्धि नीमच में तैराकी की मजबूत होती परंपरा, प्रशिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का प्रमाण है। 49 पदकों के साथ हासिल की गई प्रथम उपविजेता ट्रॉफी जिले की नई खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।