BREAKING NEWS
MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : मंदसौर में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन,.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     REPORT : मंदसौर में जर्जर भवनों पर चला प्रशासन का.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : प्रशासन आपके द्वार-समाधान अबकी बार.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : जिले में किरायेदारों एवं बाहरी.. <<     KHABAR : संगठन महासचिव संजय कामले ने पूर्व विधायक.. <<     NEWS : सामाजिक बहिष्कार एवं अवैध झगड़ा राशि वसूली.. <<     KHABAR : अप्रेजल प्रणाली के विरोध में संविदा.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले का ग्राम पिपलिया रूंडी और 35 साल.. <<     NEWS : प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लोक.. <<     NEWS : सोशल मीडिया भाजपा की विचारधारा और योजनाओं.. <<     BIG NEWS : राजस्थान की सदर निंबाहेड़ा थाना पुलिस और.. <<     KHABAR : जिला स्तरीय कौशल विकास समिति की बैठक.. <<     कसरावद में समर कैंप 'आरोह 2026' का हुआ समापन,127.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : मोदी सरकार ने एमपी को दी एनएच की सौगात,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
November 9, 2022, 2:36 pm
EXCLUSIVE REPORT : हजारों नागरिकों को समाधान के जटिल नियमों में बदलाव की उम्मीद, बंगला-बगीचा क्षेत्र के रहवासियों ने कहा- हम 150 सालों से काबिज है अब तक नहीं मिला मालिकाना हक, पढ़े डेस्क इंचार्ज महावीर सैनी की खबर

Share On:-

नीमच। शहर के बंगला-बगीचा क्षेत्रों में निवासरत हजारों नागरिकों को व्यवस्थापन बोर्ड के जटिल नियमों में बदलाव की उम्मीद है। जनता का कहना है कि वर्ष 2017 में शिवराज सिंह चौहान की भाजपा सरकार ने जो समाधान किया है वह अधूरा समाधान है। व्यवस्थापन के लिए बहुत ही जटिल व भ्रामक नियम बनाए गए हैं। 
शहर के प्रबुद्ध नागरिकों व अभिभाषकों ने इन नियमों में बदलाव कर जनता को बड़ी राहत देने की मांग सरकार से की है। उन्होंने बताया कि यदि नियमों में बदलाव नहीं होता है तो बंगला व बगीचा क्षेत्रों में निवासरत नागरिक व्यवस्थापन बोर्ड तक पहुंचकर आवेदन जमा नहीं कराएंगे। व्यवस्थापन बोर्ड तक 4 साल की अवधि में महज 2 हजार आवेदन ही पहुंचे। नियमों में संशोधन नहीं हुआ तो आने वाले कई वर्षों तक इन आवेदनों की संख्या 2 हजार पर ही ठहर जाएगी। यहां 150 सालों से काबिज लोगों को अब तक भूमि व भूखंडों पर मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। नियमों में सरलता होगी तो नागरिक स्वतः ही व्यवस्थापन बोर्ड तक पहुंचेंगे। 
-
50 हजार की आबादी पर होना था 16 हजार आवेदनों का निराकरण-
नीमच शहर की आबादी 1.37 लाख से अधिक है। इनमें से करीब 50 हजार की आबादी बंगला-बगीचा क्षेत्र में निवास करती है। इस पूरी आबादी पर 16 हजार आवेदकों की समस्या का निराकरण किया जाना था। लेकिन चार वर्षों की अवधि में व्यवस्थापन बोर्ड तक महज 2 हजार आवेदन ही पहुंचे हैं। इनमें से भी अधिकारियों ने सिर्फ 1600 आवेदकों का निराकरण किया है। शेष आवेदकों को अब भी व्यवस्थापन का इंतजार है। आपकों बता दें कि यह समस्या 1980 के दशक से चली आ रही है। तब से ही बंगला-बगीचा क्षेत्र के रहवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। 
--
बंगला-बगीचा क्षेत्र में निवासरत लोगों की पीड़ा-
‘नागरिकों को स्वयं की भूमि पर मकान निर्माण की अनुमति नहीं मिलने से परेशानी होती है। बंगला-बगीचा क्षेत्रों में गत कई सालों में नपा के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से नागरिकों ने नव निर्माण किए हैं। भूखंडों से संबंधित मूल दस्तावेज होने के बाद भी नागरिकों की सुनवाई नहीं हो रही है। व्यवस्थापन बोर्ड में बैठे अधिकारी-कर्मचारी मनमानी करते हैं। समस्या के समाधान के बाद भी नागरिकों को राहत नहीं मिली है। लीज रेंट सहित अन्य तरह के टैक्स जनता पर थोपे जा रहे हैं जो उचित नहीं है। सरकार को नियमों में सरलीकरण कर जनता को बड़ी राहत देनी चाहिए। - अमन सुराह, बंगलावासी
-
‘स्वयं की भूमि व भूखंडों पर मालिकाना हक के लिए जनता को परेशान होना पड़ रहा है। प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने 2017 में केबिनेट में मसौदा पारित कर समस्या का समाधान किया था। लेकिन इसकी जटिल प्रक्रिया व व्यवस्थापन बोर्ड के कड़े नियमों के कारण आज तक समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। सरकार ने नागरिकों को स्वयं की भूमि व भूखंडों पर किरायेदार बनाने की तैयारी की है। पूर्व में हमारे बुजुर्गों ने जमीने खरीदी थी। अब हमें फिर से नपा में राशि जमा कर जमीन पर किरायेदार बनना पड़ रहा है। सरकार ने सिर्फ राजस्व कमाने की मंशा को ध्यान में रख समस्या का समाधान किया है। जनता की समस्या व हैसियत से सरकार को कोई सरोकार नहीं है। - राहुल शर्मा, बंगलावासी 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE