झाबुआ। जिले के पेटलावद तहसील के अंतर्गत ग्राम बामनिया में शिक्षा की गंगा बहाने के उद्देश्य से महाशय ने एक विद्यालय का निर्माण करवाया जिसमें दानदाताओं ने महाशय के उद्देश्य एवं मंशा को देखते हुए करोड़ों रुपए की जमीन को दान कर दिया और वहां एक भव्य महाशय धरमपाल दयानंद आर्य विद्या निकेतन (एमडीएच) विद्यालय भवन बनकर तैयार हुआ। महाशय की मंशा थी कि उक्त विद्यालय में गरीब बच्चे उच्च शिक्षा पा सके एवं क्षेत्र और देश का नाम रोशन हो सके किंतु महाशय की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। इस विद्यालय पर पालकों द्वारा आरोप लगाया गया है की 52 सीटर विद्यालय की बस में 80 से 90 बच्चे बिठाकर लाया जा रहा है जिसकी सूचना विद्यालय के स्टाफ को लगभग पिछले 20 दिनों से दी जा रही है और एक बार लिखित में सभी पालकों ने हस्ताक्षर कर प्राचार्य को दिया गया फिर भी समस्या का कोई हल नहीं किया गया।
इस बड़ी लापरवाही को लेकर ग्राम करवड और घूघरी से करीब 12 से 15 पालक निजी विद्यालय पर पहुंचे जहां पर प्राचार्य की अनुपस्थिति में विद्यालय के ही एक स्टाफ मधु परिहार ऑफिस में बैठे हुए मिले जिनको सभी पालकों ने विद्यालय बस में क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बिठाने की समस्या से अवगत कराया। बातचीत का एक पालक द्वारा वीडियो बनाया जा रहा था जिसको लेकर विद्यालय स्टाफ मधु परिहार भड़क गए और पालकों को मैडम द्वारा अपने ऑफिस से बाहर जाने की बात कह दी। निजी विद्यालय की स्टॉप मैडम मधु परिहार और पालक गणों के बीच बहस इतनी बढ़ गई मैडम द्वारा पुलिस बल बुलाया गया और सभी पालकों पर नामजद एफआईआर करने की बात तक कह दी। मैडम के इस रवैया को देख पालक आक्रोशित हुए और विवाद इतना बढ़ गया कि पेटलावद एसडीओपी सोनू डावर, टीआई राजू बघेल, एसडीएम अनिल राठौर, तहसीलदार जगदीश वर्मा बीआरसी मैडम ने घटना की जगह आकर पालकों को आश्वासन दिया कि आपकी समस्या दूर होगी।
पालक गणों का कहना-
हरीश बसेर ने कहा छोटे-छोटे बच्चों को बोनट पर बिठाया जा रहा है जिससे बच्चे भी सुरक्षित नहीं है और इस असुविधा को लेकर विद्यालय स्टाफ को कितनी बार अवगत करा दिया था पर वह आजकल कह कर दिन निकाल रहे हैं।
सोहन भाटी का कहना है अभी कुछ दिनों पहले डेहन्डी में यही बस ओवरलोड होने के कारण असंतुलित होकर रिवर्स लेते समय नाली में उतर गई थी जिसके बाद सभी बच्चों को बस से उतार कर बस को वापस रोड पर लाया गया जिससे अपने बच्चों के प्रति मन में भय बना रहता है।
गोवर्धन गरवाल का कहना है विद्यालय की एक ही बस को कई रूट पर भेजने से बच्चों को समय भी बहुत ज्यादा बस के अंदर गुजारना पड़ता हैं जिससे बच्चे शाम को बहुत ज्यादा थक जाते हैं।
जितेंद्र पाटीदार का कहना है समस्या अवगत कराने पर विद्यालय स्टाफ की मैनेजमेंट के पद पर मधु परिहार है जो पालकों के साथ अभद्र व्यवहार किया और एफआईआर की धमकी दी विद्यालय के कर्मचारी को नही देते हुए समस्या को हल करना चाहिए।
निजी विद्यालय के प्राचार्य प्रवीण अत्रे ने कहा हमारे लिए सभी पालक सम्मानीय है और बस की समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा।
पेटलावद एसडीएम अनिल राठौर को जैसे पता चला निजी विद्यालयों की सभा आयोजित की थी जिसमें विवादित विद्यालय से कोई नहीं पहुंचा जिस पर फटकार लगाई और क्षमता से अधिक बच्चे लाने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी एवं जो भी कमी पेशी है उसको तुरंत सही करवाया जाएगा।