उज्जैन। कोटपा 2003 (राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम) के प्रभावी अनुपालन एवं निगरानी के लिये अंतर्विभागीय निगरानी/जांच दल द्वारा राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी अनुपालन हेतु गत दिवस जिला तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ.आदित्य माथुर की उपस्थिति में दल द्वारा जिला चिकित्सालय में सार्वजनिक स्थान पर तम्बाकू उत्पाद का उपयोग करते हुए कोटपा अधिनियम-2003 की धारा-4 का उल्लंघन करते हुए पाये जाने पर दो व्यक्तियों पर चालानी कार्यवाही की गई।
उल्लेखनीय है कि भारत में 12-13 लाख लोगों की मृत्यु प्रतिवर्ष तम्बाकू सेव के कारण होती है। वैश्विक तम्बाकू सर्वेक्षण (ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे 2016) के अनुसार, मध्यप्रदेश में 34.2 प्रतिशत वयस्क किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करते है, जिसमें 50.2 प्रतिशत पुरूष और 17.3 प्रतिशत महिलाएं शामिल है। नशामुक्ति अभियान के तहत जिले में तम्बाकू आपदा से नागरिकों को बचाने के लिये प्रशासन प्रतिबद्ध है, इसके लिये आपका सहयोग अपेक्षित है।
तम्बाकू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न प्रचार माध्यमों से युवाओं, महिलाओं और बच्चों को तम्बाकू उपयोग की ओर आकर्शित करने के लिये विभिन्न तरह के प्रचार माध्यमों का प्रयोग किया जाता है और शैक्षणिक संस्थाओं के आस-पास तम्बाकू उत्पादों को बीक्री की जाती है। विभिन्न तरह की प्रतियोगिता और आकर्शित करने वाली योजनाओं द्वारा तम्बाकू उत्पादों को बढ़ावा भी दिया जाता है। तम्बाकू एक ऐसा उत्पाद है जो वैज्ञानिक रूप सें नशे की लत पैदा करता है, जिससे बीमारी और मौत हो सकती है।