मध्यप्रदेश । नवंबर में रिकॉर्ड ठंड पड़ने लगी है। भोपाल में बीते 13 साल में बीती रात सबसे सर्द रही। इससे पहले 2009 में पारा 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। भोपाल में साल 2010 के बाद कभी भी पारा 10 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं हुआ था। हिमालय से आ रही उत्तरी हवाओं के कारण भोपाल और उसके आसपास के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अभी चार से पांच दिन प्रदेश भर में इसी तरह तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। इंदौर में बीते तीन साल में सबसे सर्द रात रही। साल 2019 में रात का पारा नवंबर में 10.7 डिग्री तक चला गया था। अभी पचमढ़ी सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिक असफाक हुसैन ने बताया कि हिमालय से आ रही उत्तरी हवाओं का जोर सीधे भोपाल पर पड़ रहा है। इस कारण यहां का पारा ज्यादा नीचे जा रहा है। भोपाल एक पहाड़ी इलाका होने के साथ ही पथरीला है। इस कारण यहां पर रात का पारा सामान्य से काफी कम र रहा है। भोपाल में रात का पारा सामान्य से 3 डिग्री से भी ज्यादा नीचे जा चुका है। सिवनी में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस तक कम चल रहा है। नौगांव और रतलाम में रात का पारा भोपाल के बराबर ही 3.1 डिग्री सेल्सियस कम चल रहा है।