उज्जैन। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक डॉ श्रीराम तिवारी ने जानकारी दी कि आगामी 28, 29 और 30 नवंबर को शोध पीठ द्वारा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन विक्रम कीर्ति मंदिर के सभाकक्ष में किया जाएगा। यह संगोष्ठी वास्तु शास्त्रीय नगर नियोजन एवं राजा भोज विषय पर केंद्रित होगी।
इसमें देश विदेश के सुपरिचित विद्वान अपना पत्र वाचन करेंगे । इस आयोजन में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय तथा विक्रम विश्वविद्यालय का सहयोग किया जाएगा। संगोष्ठी के सुबह 10 बजे से पूर्वाह्न 11.30 बजे तक आयोजित होने वाले उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के तौर पर अमेरिका के डॉक्टर सुब्रतो गंगोपाध्याय, महाराष्ट्र के प्रोफेसर केके पांडे, कुलपति विक्रम विश्वविद्यालय प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडे, कुलपति महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय प्रोफेसर विजय कुमार सीजी मौजूद रहेंगे। संगोष्ठी के पहले दिन प्रथम सत्र सुबह 11.40 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया जायेगा। इसमें नगर नियोजन में गणना, मापन और भवन निवेश पर पत्र वाचन किया जायेगा। इसके बाद द्वितीय सत्र दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक में वैदिककाल से वर्तमान तक पुरनियोजन पर पत्र का वाचन किया जायेगा।
दूसरे दिन 29 नवम्बर को 4 सत्र होंगे। इसमें प्रथम सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किया जायेगा। इसमें पुरप्रबंधन में शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, खेल एवं विदेशों में भारतीय वास्तु पर पत्र का वाचन किया जायेगा। इसके पश्चात द्वितीय सत्र दोपहर 12.10 से 2 बजे तक नगर नियोजन में प्रेक्षागृह, मठ एवं विश्वविद्यालय पर पत्र वाचन होगा। तृतीय सत्र दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक आयोजित होगा। इसमें परमार वास्तु एवं नगरीय अवधारणा पर पत्र वाचन होगा। चतुर्थ सत्र शाम 4 से 5.30 बजे तक आयोजित होगा। इसमें भोज वास्तु में दुर्ग नगरीय प्रशासन और अर्थशास्त्र पर पत्र वाचन होगा।
बुधवार 30 नवम्बर को प्रथम सत्र सुबह 10 बजे से पूर्वाह्न 11.30 बजे तक आयोजित होगा। इसमें ग्राम एवं नगर नियोजन में क्षेत्रीय प्रभाव पर पत्र वाचन होगा। द्वितीय सत्र पूर्वाह्न 11.30 से 1.30 बजे तक आयोजित होगा। इसमें भोज वास्तु प्रेक्षण पर पत्र वाचन होगा। समापन सत्र दोपहर 2.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक आयोजित होगा। इसमें पं.आनन्दशंकर व्यास, डॉ.श्रीकृष्ण जुगनू राजस्थान, प्रो.विजय कुमार सीजी और प्रो.अखिलेश कुमार पाण्डेय शामिल होंगे। इसके अलावा 28 से 30 नवम्बर तक प्रतिदिन दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक राजा भोजकालीन स्थापत्य अश्विनी शोध संस्थान महिदपुर संग्रहालय द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी।