भवानीमंडी। भारत विकास परिषद द्वारा भवानीमंडी में सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट आनंदपुर, एवं सद्गुरु सेवा संस्थान झालावाड़ के सहयोग से नेत्र जांच एवं शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से 109 मरीजों का निशुल्क मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाएगा।
भारत विकास परिषद के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल एवं नेत्रदान प्रभारी कमलेश दलाल ने बताया कि स्वर्गीय सूरजमल गोटावाला की स्मृति में गोटावाला परिवार द्वारा आयोजित नेत्र जांच एवं शल्य चिकित्सा शिविर का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन करके किया गया।
शिविर में भारी तादाद में मरीजों की भीड़ उपस्थित थी, जिसमें अधिकांश मरीज दूरदराज के गांवों से आए थे। शिविर में 296 मरीजों की आंखों की जांच की गई, इसमें से 109 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया, जिन्हें बस के द्वारा आनंदपुर ले जाया गया। जहां सद्गुरु सेवा संस्थान के चिकित्सालय में इनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाएगा एवं ऑपरेशन करवा कर इन्हें वापस भवानीमंडी लाया जाएगा।
इस शिविर में अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, संरक्षक गोविंद भराड़िया, कमल सुरेका, हेमराज शर्मा, महेश शर्मा, जगदीश पाटीदार, संदीप राठौर, दामोदर शुक्ला, श्याम चौधरी, उमाशंकर पोरवाल, यशवंत डड्ढा, रमेश गुप्ता, कमलेश दलाल आदि का सहयोग रहा।
शुभारंभ कार्यक्रम में शिविर सहयोगी शेखर गोटावाला, सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के चिकित्सक डॉ सोनू शर्मा एवं परिषद अध्यक्ष मनोज अग्रवाल मंचासीन रहे। कार्यक्रम में शिविर सहयोगी शेखर गोटावाला को परिषद सदस्यों ने शाल, माला पहनाकर एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
परिषद के नेत्र शिविर प्रभारी महेश शर्मा एवं उमाशंकर पोरवाल के अनुसार भारत विकास परिषद पिछले 10 वर्षों से सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट आनंदपुर, विदिशा के सहयोग से भवानीमंडी में प्रतिमाह अंतिम रविवार को निशुल्क मोतियाबिंद चिकित्सा शिविर का आयोजन करती है। बीपी, शुगर इत्यादि की जांच करने के बाद चयनित मोतियाबिंद ऑपरेशन योग्य मरीजों को बस द्वारा संस्थान के आनंदपुर (मध्यप्रदेश) स्थित नेत्र चिकित्सालय में ले जाकर वहां पर दक्ष डॉक्टर्स के द्वारा मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है। यह इस श्रंखला का 102 वां कैंप आयोजित हुआ है, जो कि पूरे जिले में किसी संस्था के द्वारा सबसे बड़ा आयोजन है। अभी तक इन शिविर के माध्यम से 26277 मरीजों की निशुल्क आंखों की जांच करके रिकॉर्ड 8452 मरीजों का निशुल्क मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाया जा चुका है।
परिषद कोषाध्यक्ष हेमराज शर्मा के अनुसार यह मरीजों की संख्या और ऑपरेशन की संख्या से भी इस वर्ष का सबसे बड़ा शिविर रहा है। इससे पहले 30 अक्टूबर को आयोजित 101 वें कैंप में 86 लोगों का मोतियाबिन्द ऑपरेशन के लिए चयन हुआ था।