नीमच। 26 दिसम्बर 2022 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख भाई मांडविया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आभासीय माध्यम से कोरोना की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं को लेकर आयोजित की गई जिसमें देश के समस्त AIIMS और कोर ग्रुप के 50 चिकित्सकों को आमंत्रित किया गया जो कि कोरोना के शुरुआत से स्वास्थ्य मंत्रालय दिल्ली से जुड़े हुए हैं। मध्यप्रदेश से डॉ राजेन्द्र ऐरन नीमच को आमंत्रित किया गया जो इस बैठक में शामिल हुए और अपने महत्पूर्ण सुझाव प्रदान किए।
प्रारंभ में जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल द्वारा विश्व में और भारत में कोरोना की वर्तमान स्थिति सम्बन्धित आंकड़े प्रस्तुत किये। इस परिप्रेक्ष्य में भारत की स्थिति और तैयारियों की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख भाई द्वारा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
सभी सरकार द्वारा उठाए गये कदमों और भविष्य की तैयारियों से संतुष्ट थे। सभी एकमत थे कि सावधानी की जरूरत है पर डरने की नही। सरकार अपना काम कर रही है हम नागरिकों को अपना कर्तव्य पूरा करना चाहिये। अफवाहों से सावधान रह कर उचित माध्यम से प्राप्त सही जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।
बैठक में आए विभिन्न सुझाव के साथ ही डॉ राजेंद्र ऐरन ने भी निम्न महत्पूर्ण सुझाव दिए।
1- जिन मरीजो को भर्ती की जरूरत हो उनके लिए एक स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल निर्धारित हो जिससे अनुपयोगी दवाओं से और ख़र्चे से बचा जा सके।
2- जिन लोगो ने तीसरा वैक्सीन का डोज नही लगवाया है उन्हें प्रेरित करे (अभी तक कुल 27 प्रतिशत व्यक्तियों ने यह लगवाया है) और चिकित्सा कर्मियों, 60 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों और जो गम्भीर बीमारियों से पीड़ित है उनके लिए चौथे डोज की व्यवस्था की जाये।
3- जनता को भ्रांतिपूर्ण जानकारी देने और अफवाह फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाये।
मंत्री एवं अन्य सभी के द्वारा इन पर सहमति जताई गई।