देवास। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश भर में पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटक इन स्थानों को निहारने और घूमने आएंगे। पर्यटन स्थलों के विकसित होने से रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। देवास जिले में कई पर्यटक स्थल है, उन्हें भी विकसित किया जाएगा। उक्त बातें कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में पर्यटन बोर्ड द्वारा जिला स्तरीय कार्यशाला में कही। कार्यशाला में सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सिंह चौहान, अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कवचे, डिप्टी कलेक्टर शिवानी तरेटिया, पर्यटन बोर्ड के पदाधिकारियों में सुरेश मेवाड़ा, डॉ. आलोक चौबे, अमृता चतुर्वेदी सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यशाला में कलेक्टर गुप्ता ने कहा कि पर्यटन बोर्ड के सहयोग से स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए टेकरी पर दुकान प्रदान की जाएगी। जिसमें स्व सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पाद एवं एमपी ऑनलाइन का कियोस्क होगा। जिससे स्व सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि टेकरी पर महिला सुरक्षा गॉर्ड भी रखें जाएंगे। साथ ही जिले के पेट्रोल पंप पर कार्य करने के लिए महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी तथा इसके बाद उन्हें पेट्रोल पंप पर कार्य करने के लिए नियुक्त्िा भी प्रदान की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा बोर्ड का विजन मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला पर्यटेकों को स्वतंत्रता पूर्वक व भयमुक्त वातावरण में पर्यटन का अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यशाला में बताया गया कि मप्र के पर्यटन स्थलों को महिला पर्यटकों के अनुकूल बनाकर महिला पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी करना है।
पर्यटन स्थलों को महिला पर्यटकों की सुरक्षा एवं भ्रमण के लिए अनुकूल बनाना
कार्यशाला में बताया गया कि जिले में पर्यटन स्थलों को महिला पर्यटकों की सुरक्षा एवं भ्रमण के लिए अनुकूल बनाना है। महिलाओं की आकांक्षा एवं आत्मविश्वास को इस प्रकार बढ़ाना जिससे कि वे बिना भय व सुरक्षा की भावना के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकें। पर्यटन स्थलों पर महिला पर्यटकों की सुविधा हेतु अनुकूल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिये संबंधित विभागों के साथ समन्वय करना है। महिला पर्यटकों को पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध सेवाओं व सुविधाओं की जानकारी तथा आवश्यक दिशा निर्देशों को सुगमता के साथ उपलब्ध कराना है। कार्यशाला में बताया गया कि लड़कियों व महिलाओं को आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण प्रदान करना है। पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है