देवास। नवीन शिक्षा नीति अन्तर्गत स्कूली छात्र छात्राओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने एवं शैक्षणिक भ्रमण के उद्देश्य से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर (हॉयर सेकंडरी) के छात्र-छात्राओं द्वारा खिवनी अभ्यारण का शैक्षणिक भ्रमण किया गया। स्कूली बच्चों को जंगल भ्रमण के साथ-साथ अभ्यारण खिवनी में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्य प्राणी, पक्षियों, तितलियों एवं सरीसृप के बारे में जानकारी दी गई तथा प्रकृति व मानव जीवन में इनके महत्व को समझाया गया।
प्राकृतिक व्याख्या पथ पर जंगल भ्रमण के दौरान जलीय एवं चारागाह क्षेत्र में पाए जाने वाले पक्षियों की विभिन्न प्रजाति व वन्य प्राणी आकलन के विभिन्न तरीकों कैमरा ट्रैप, पग मार्क इंप्रेशन पेड, वन्य प्राणियों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रमाण के बारे में बच्चों को जानकारी दी गई। विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्रों चारागाह, तालाब एवं नदी पारिस्थितिकीय तंत्र के बारे में बताया गया।
छात्र-छात्राओं को मौके पर तेंदुआ के पगमार्क, चित्तल हिरण, बंदर एवं विभिन्न पक्षियों के प्रत्यक्ष दर्शन कराए गए। जंगल भ्रमण उपरांत बच्चों को जंगल से जुड़ने व वनों व वन्य प्राणियों के महत्व को समझाते हुए उनके संरक्षण हेतु वन्य प्राणी संरक्षण आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। जिसमे खिवनी अभ्यारण्य एवं मध्यप्रदेश के वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण के विषय पर बच्चों को समझाते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कैंप के दौरान स्कूल के प्राचार्य दीपक कुमार यादव, वन विभाग से भीम सिंह वन परिक्षेत्र अधिकारी खिवनी, प्रमोद कुमार सास्ता वनपाल, के. के. वर्मा, राजकुमार मालवीय, वन रक्षक सतीश नरवरिया तथा आचार्य अजय गिरी, राजेश विश्वकर्मा, चेतन राठौर एवं आचार्या रूपाली सैलार, ज्योति कुंभकार, दीपिका यादव उपस्थित थी।