मंदसौर। आज संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियो द्वारा संविदा शवयात्रा निकालकर सरकार/शासन/प्रशासन को संकेत दिया की, इस संविदा व्यवस्था की अर्थी जलाकर, वर्तमान संविदा नीति का विरोध कर, नियमितीकरण की सुंदर, सुव्यवस्थित व्यवस्था लागू की जाए, अब हम रुकने और झुकने वाले नही है, अब बस एक ही मांग, सिर्फ नियमितिकरण का आदेश।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मन्दसौर डॉ प्रतिज्ञा पाटीदार जिलाध्यक्ष ने बताया कि हमारे साथी 2 एएनएम सिस्टर जो की एक रतलाम जिले की, दूसरी राजगढ़ जिले की एएनएम सिस्टर जिनकी हड़ताल के दौरान हृदयाघात से मृत्यु हुई है और काल के गर्त में समा गई, अब इनके असहाय बच्चे किसके भरोसे रहेंगे, क्या भविष्य होगा उन बच्चों का, ना अनुकंपा नियुक्ति, ना मेडिकल/बीमा क्लेम, ना पेंशन, जिन कर्मचारियों ने सरकार के लिए हर समय में साथ दिया उनके बच्चों को अनाथों की तरह छोड़ देना क्या न्याय है।
प्रांतीय स्तर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ भोपाल में, हड़ताल दौरान अपने ही विभाग के स्वास्थ्य मंत्री से सिर्फ अपनी बात रखने पर 10 साथियों को जेल में डाला गया, तथा एक को इतना प्रताड़ित किया गया की वह आज पैरालिसिस की स्थिति में अस्पताल में जूझ रहे है। आज मुगल/अंग्रेजी हुकूमत की तरह बिना किसी अपराध के भी अपराधी की तरह, संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ जो गलत व्यवहार किया जा रहा है, यह देश की पूरी जनता देख रही है।
हम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, जिला मंदसौर, राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी के मार्ग (अहिंसा के मार्ग) पर चलकर हम लोग अपनी बात रख रहे है, तब भी हमारे साथ अन्याय पूर्ण, आतंकवादियों जैसा व्यव्हार किया जा रहा है, जो की कदाचित उचित नहीं है, सरकार/शासन/प्रशासन बात करने को तैयार नहीं है।
15 दिसम्बर 2022 से अनिश्चित कालीन हड़ताल 13 वें दिन भी जारी है। जिसमे पूरे जोश के साथ शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए संविदा शव यात्रा निकाली गई।