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December 28, 2022, 7:22 pm
REPORT : जिले की ई-जनसुनवाई को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी वर्कशॉप स्वातः सुखाय के माध्यम से मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान, पढ़े दिलीप सौराष्ट्रीय की खबर 

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शाजापुर। शाजापुर जिले में कलेक्टर दिनेश जैन द्वारा किये गये नवाचार “ई-जनसुनवाई” को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के प्रशिक्षण केन्द्र लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। कलेक्टर दिनेश जैन द्वारा विगत 25 एवं 26 दिसम्बर 2022 को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी द्वारा ‘‘स्वातः सुखाय-सबका प्रयास’’ विषय पर संपन्न हुई दो दिवसीय कार्यशाला में जिले में किये गये नवाचार “ई-जनसुनवाई” पर व्याख्यान दिया गया।

उल्लेखनीय है कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी द्वारा ‘‘स्वातः सुखाय-सबका प्रयास’’ विषय पर प्रशासनिक क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर जिले के किए गए नवाचार ‘‘ई-जनसुनवाई’’ का चयन किया गया था। सुशासन सप्ताह अंतर्गत मसूरी में आयोजित 02 दिवसीय कार्यशाला में देश के 05 आई.ए.एस. अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें म.प्र. से शाजापुर कलेक्टर दिनेश जैन को ई-जनसुनवाई नवाचार के लिए आमंत्रित किया गया था।

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी में संपन्न 02 दिवसीय कार्यशाला में कलेक्टर जैन ने ‘‘स्वातः सुखाय-सबका प्रयास’’ अंतर्गत जिले में किए गये नवाचार ‘‘ई-जनसुनवाई’’ का विस्तार से भारतीय प्रशासनिक सेवा बेच 2022 के उपस्थित लगभग 80 अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया। मसूरी में संपन्न उक्त कार्यशाला में सहभागिता से शाजापुर जिला प्रशासन द्वारा किये गए नवाचार की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित हुई है। साथ ही किए गए नवाचार को अकादमी के आफिशियल ट्विटर हेण्डल पर भी सराहना मिली है। जिला प्रशासन के नवाचार ई-जनसुनवाई को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रषासन अकादमी मसूरी के ज्ञान पोर्टल पर भी अपलोड किया गया है, जिससे विभिन्न राज्यों की प्रशासनिक अकादमी द्वारा प्रशिक्षण में सम्मिलित किया जा सकेगा। कलेक्टर शाजापुर द्वारा शुरू किए गये नवाचार ‘‘ई-जनसुनवाई’’ के लिए जिला शाजापुर को 02 बार नेशनल स्काच अवार्ड वर्ष 2020 एवं वर्ष 2022 से भी सम्मानित भी किया जा चुका है।

जिला शाजापुर में कलेक्टर दिनेश जैन द्वारा अपनी पदस्थापना के तुरंत पश्चात नवाचार करते हुए 23 जून 2020 से जिले में ई-जनसुनवाई की शुरूआत की जाकर वर्तमान तक कुल 89 वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (लगभग 300 घंटे) के माध्यम से कुल 9157 शिकायतें एवं मांग प्राप्त हुई जिसमें से 5084 शिकायतों का सफलता पूर्वक निराकरण किया गया। शेष मामले मांग या बजट आधारित होने से विभिन्न स्तरों पर निराकरण के लिए प्रक्रियाधीन है। ई-जनसुनवाई में जिले के अनुमानित 25000 आमजनों की सहभागिता हुई। वर्तमान में ई-जनसुनवाई का तीसरा चरण चल रहा है, जिसमें 352 ग्राम पंचायतों में से 336 पंचायतों से चर्चा की जा चुकी है।

ई-जनसुनवाई की कार्ययोजना-
जिला स्तर से प्रत्येक मंगलवार को ई-जनसुनवाई हेतु जिले की 10 से 12 ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर कार्यक्रम जारी किया जाता है एवं  ई-जनसुनवाई से जुड़ने वाली ग्राम पंचायतों में आमजनों के साथ-साथ , सरपंच (जनप्रतिनिधि), पंचायत सचिव, जीआरएस, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता भी उनके साथ उपस्थित रहते है। जिला स्तर से कलेक्टर के साथ ग्रामीण समस्या से जुड़े विभिन्न विभाग जैसे पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, महिला बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग, पीएचई आदि विभागों के अधिकारी अनिवार्यतः उपस्थित रहते है। वीडियो कान्फ्रेसिंग में ग्रामीणजनों द्वारा अपनी समस्याएं बताने पर तत्काल निराकरण किया जाता है एवं ऐसे मामले जिनके निराकरण में समय लगता है, के निराकरण के लिए समय सीमा निर्धारित की जाती है। चरणवार ग्राम पंचायतों से ई-जनसुनवाई में कोविड-19 से संबंधित विषयों की समीक्षा एवं राजस्व संबंधी मामले (बटवारा, नामांतरण, सीमांकन) सहित विभिन्न समस्याओं के संबंध में चर्चा की जाती है।

ई-जनसुनवाई की प्रमुख विशेषताऐं-
जिले का कार्यक्षेत्र बड़ा होता है, जिससे कलेक्टर के लिए अपने कार्यकाल (लगभग 2-3 वर्ष) में सभी ग्राम पंचायतों और गांवों का दौरा करना आसान नहीं होता है। वीसी के माध्यम से ही गांव की समस्या और समाधान के बारे में प्रथम दृष्टया जानकारी प्राप्त कर तथा भविष्य के विकास के लिए जानकारी एकत्रित करना आसान होता है। ई-जनसुनवाई में कोई भी आमजन बिना किसी परेशानी एवं झिझक के सभी प्रकार की समस्याएं बता सकता है। इसके अंतर्गत सभी विभागों की समस्याएं आ जाती है। ई-जनसुनवाई के माध्यम से सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को सीधे ग्रामीण स्तर तक साझा करना आसान होता है। ई-जनसुनवाई से अधिकारियों और ग्रामीणों दोनों के समय और धन की बचत होती है। ई-जनसुनवाई में ग्रामीण जनता को कलेक्टर और अन्य अधिकारियों से सीधे बात करने का अवसर मिलता है जिसके कारण आमजनों की अधिकारियों तक पहुंच आसान हुई है। ई-जनसुनवाई में एक बार में 10 से 12 ग्राम पंचायतें कनेक्ट होती है, इससे ग्राम पंचायतों को भी एक दूसरे के अनुभवों का लाभ मिलता है। ग्राम स्तर के कर्मचारी जैसे कि पटवारी, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आदि ग्रामीण स्तर पर कार्यरत रहते है इनकी क्षेत्र में उपस्थिति सुनिश्चित होती हैं। ई-जनसुनवाई वीसी हेतु कोई अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की जरूरत नहीं है। हर ग्राम पंचायत के पास उपलब्ध लैपटॉप और इंटरनेट से ही ई-जनसुनवाई आसानी से हो जाती है।

प्रमुख उपलब्धियां-
कोविड टीकाकरण कार्यक्रम में प्रचार एवं प्रसार आसान हुआ। आयुष्मान कार्ड की उपयोगिता बताई जाकर आयुष्मान कार्ड की लोकप्रियता बढ़ाई। शासन की जन भागीदारी योजनाओं में वृद्धि हुई है एवं जन भागीदारी के सहयोग से ही जिले की 100 आंगनवाड़ियों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाये गए है। जल जीवन मिशन योजनाओं की निगरानी आसान हुई। ई-जनसुनवाई के माध्यम से जिले के शासकीय जर्जर भवनों के सम्बन्ध में जानकारी आसानी से प्राप्त हुई। सड़कों और अन्य भवनों की मांग और उनके लिए समग्र योजना बनाना आसान हुआ। ऊर्जा साक्षरता कार्यक्रम में जागरूकता बढ़ाई गई। रक्तदान अभियान के लिए जागरूकता बढ़ाई गई। यूडीआईडी कार्ड में जागरूकता एवं शत-प्रतिशत दिव्यांगजनों के यूडीआइडी कार्ड तैयार करना आसान हुआ।

 

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