BREAKING NEWS
BIG NEWS : स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट,.. <<     KHABAR : भगवान पशुपतिनाथ के दरबार में पहुंचे.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG NEWS : वार्ड-11 के विकास कार्यों के लिए 10 करोड़.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     REPORT : बंद पड़ी सहकारी समितियों के पंजीयन होंगे.. <<     BIG REPORT : भगवान पशुपतिनाथ के दरबार पहुंचीं बाल.. <<     BIG REPORT : नीमच आगमन पर मंत्री राकेश शुक्ला का भव्य.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG REPORT : ज्ञानोदय हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी का.. <<     JOB : सीतामऊ रोजगार मेले में 149 युवाओं को मिला.. <<     KHABAR : स्वरोजगार का सुनहरा अवसर, युवाओं को.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : जून माह की इस तारीख को जिला पंचायत सभाकक्ष.. <<     KHABAR : जंगलों में चल रही अवैध भट्टियों पर दबिश,.. <<     BIG NEWS : ऑपरेशन सुदर्शन चक्र- 2 के तहत चित्तौड़गढ़.. <<     VIDEO NEWS: राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार पर.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ पुलिस का अलर्ट, अब सूदखोरी और.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
December 30, 2022, 5:07 pm
BIG NEWS : बहरूपिया कलाकार की कहानी, कैसे गांव-गांव और दर-दर घूम कर लोगो का करते है मनोरंजन, इस प्रथा को आज भी रखा है इन युवाओ ने कायम, जानिए इन्ही की जुबानी, पड़े मोहन नागदा की खबर

Share On:-

नीमच। पुरातन काल से चली आ रही भारतीय संस्कृति की कई प्रथाएं तो समय के साथ विलुप्त होती गई लेकिन कई प्रथाएं ऐसी है जो आज भी इस भौतिक युग में जीवित है। इन्हीं प्रथाओं में से एक बहरूपिया प्रथा आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में जीवित है तथा यह कलाकार बहरूपिया बंद करके गांव-गांव घर-घर घूमते हैं और अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं तथा इसी के सहारे इनकी आजीविका अभी चलती हैं। 

ठंड के मौसम में ऐसे ही बहरूपिया कलाकार जोकि 2 से 3 वर्ष में इस क्षेत्र में भ्रमण करते हैं तथा गांव गांव तथा घर घर जाक अपनी कला को दिखाकर अपनी जीविका उपार्जन के लिए पैसा इकट्ठा करते हैं। 

इन्हीं में से एक बहरूपिया कलाकार ने बताया कि यह हमारी पुरानी पारंपरिक पता है तथा हमारे पूर्वजों किस प्रथा को आज भी हमने कायम रखा है यह लोग उज्जैन से निकल कर के पैदल पैदल ही एक गांव से दूसरे गांव एक घर से दूसरे घर जाकर के अपनी आजीविका चलाते हैं तथा साथ ही साथ मनोरंजन भी करते हैं यह अलग-अलग भेष में पुलिस तथा घोड़े के रूप में अपनी कला को प्रदर्शित करते हैं। आज के इस युग में भी इस प्रकार से इन युवाओं के द्वारा जो इस प्रथा को कायम रख रखा है वह काबिले तारीफ है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE