रतलाम। 1 जनवरी 2023 के बाद से बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए एफआइपीवी (फ्रैक्शनल इन एक्टिवेटेड पोलियो वायरस वैक्सीन) के टीके का अतिरिक्त डोज़ लगाया जाना प्रारंभ कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आईपीवी का यह टीका बच्चों को 9 माह की आयु पूरी होने पर लगाया जाएगा। प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील ने बताया कि पूर्व में संचालित व्यवस्था के अंतर्गत बच्चों को आईपीवी का पहला टीका इंजेक्शन के रूप में छः सप्ताह की आयु पर एवं दूसरा टीका 14 सप्ताह की आयु पूरी होने पर लगाया जाता था, किंतु अब तीसरा एवं अतिरिक्त डोज़ बच्चों को 9 माह की आयु पूरी करने पर इंजेक्शन के रूप में बाई भुजा पर लगाया जाएगा।
इस प्रकार आईपीवी के दो के स्थान पर 3 डोज़ लगाना प्रारंभ किए जाएंगे। इस संबंध में जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं दिशा निर्देश प्रदान किए जा चुके हैं।जिले में प्रति मंगलवार और शुक्रवार को नियमित टीकाकरण के तहत ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित कर सम्पूर्ण टीकाकरण किया जा रहा। सभी माता-पिता अपने बच्चो को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस या नजदीकी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल मे अपने बच्चो को 5 साल मे 7 बार ले जाकर 11 बीमारियों से अवश्य बचाये। समय पर टीकाकरण अवश्य करवाये। शासकीय अस्पताल में जन्में शिशुओं के लिए जीरो डोज सुविधा निःशुल्क उपलब्ध होती है। टी.बी, तपेदिक, पोलियो, पीलिया (हेपेटाइटिस-बी), डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटेनस, एच.इन्फ्लूएन्जी-बी. हिब से होने वाले निमोनिया/मेनिन्जाइटिस, खसरा एवं रतौंधी, जैसी 11 जानलेवा बीमारियो से बचाने के लिए सभी माता-पिता अपने बच्चो का समय पर टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिये।सर्विलेंस मेडिकल ऑफिसर डब्ल्यु.एच.ओ ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में जन्म से 16 वर्ष तक के किशोर बालक/बालिकाओं को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है।
जन्म से 24 घंटे के भीतर पोलियो बीसीजी एवं हेपेटाइटिस-बी,(बर्थडोज), डेढ़ माह पर पोलियो, रोटा वायरस वैक्सीन, एफआईपीवी, पेंटावेलेंट तथा पीसीवी का प्रथम डोज, ढाई माह पर पोलियो, रोटा वायरस वैक्सीन और पेंटावेलेंट का द्वितीय डोज तथा साढ़े तीन माह मे पोलियो, रोटा वायरस वैक्सीन, एफआईपीवी, पेंटावेलेंट तथा पीसीवी के टीके का तीसरा डोज एवं 9 से 12 माह तक खसरे का एमआर प्रथम टीका, विटामिन-ए की प्रथम खुराक,पीसीवी बुस्टर डोज,के साथ अब एफआईपीवी की तीसरी डोज दी जायेगी। 16 से 24 माह पर ओपीवी, डीपीटी, एमआर का बूस्टर डोज, पोलियो बूस्टर तथा खसरा द्वितीय डोज लगाया जाता है। डिप्थीरिया, कालीखांसी, टिटेनस, पोलियो तथा खसरा से बचाव करता है। 16 माह से 5 वर्ष तक विटामिन-ए की दूसरी से 9वीं खुराक (छः माह के अंतराल पर) रतौंधी एवं प्रतिरोध शक्ति में वृद्धि। 5 से 6 वर्ष डीपीटी द्वितीय बूस्टर डोज डिप्थीरिया, कालीखांसी, टिटेनस से बचाव एवं 10 वर्ष और 16 वर्ष टीडी का टीका लड़के एवं लड़कियों दोनों को लगाया जाता है। इन टीको से समय से लगवाने पर 11 जानलेवा बिमारियो से अपने बच्चों को बचाया जा सकता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भावस्था की जानकारी होते ही टी.डी. का प्रथम टीका, प्रथम टीके के 4 सप्ताह उपरांत टी.डी. का दूसरा टीका, बूस्टर डोज पिछले तीन वर्षाे में यदि गर्भावस्था में टी.टी/टीडी. की 2 खुराकें ली गई हैं तो मात्र एक बूस्टर टीका लगाया जाता है।