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January 3, 2023, 6:19 pm
REPORT : स्‍व सहायता समूह से जुडकर आत्‍म निर्भर हुई अम्बिका, पशुपालन से आजीविका को संभाला, बैंक सखी बनकर पाया मान-सम्‍मान, पढ़े खबर 

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नीमच। नीमच जिले के ग्राम बेलारी निवासी अम्बिका ने स्‍वयं को साक्षरता की राह पर आगे बढकर स्‍व-सहायता समूह से जुडीं और समाज में अपनी नई पहचान बनाई है। साथ ही कृषि एवं बकरी पालन का कार्य कर, अपनी आर्थिक स्थिति को भी सुधारा है। समूह से जुडने से पहले अम्बिका एक साधारण गृहणी का जीवन व्‍यतीत कर रही थी। वे वर्ष 2018 में आजीवीका मिशन से जुडी और लक्ष्‍मी स्वसहायता समूह की अध्‍यक्ष बनी। अम्बिका ने शिक्षा प्राप्‍त करने के लिए सोचा और घरेलू काम-काज व पढाई कर दसवीं परीक्षा उर्त्‍तीण की। तद्पश्‍चात अम्बिका ने बकरी पालन का प्रशिक्षण लिया  और समूह के माध्‍यम से उसे 33 हजार रूपये का ऋण मिला। बकरी पालन के साथ-साथ 12 वीं की परीक्षा की तैयारी की और 12 वीं परीक्षा भी उत्‍तीर्ण कर ली। अम्बिका ने बकरी पालन की गतिविधियों को बढकार 26 बकरियां पाली। इससे उसे वार्षिक 70 से 80 हजार रूपये की आमदनी होने लगी।

ग्राम में बैंक की सुविधा नही होने से अम्बिका ने बैंक सखी बनकर, ग्रामीणों से बैंकिंग सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया और बैंक सखी बन गई। इस तरह स्‍व-सहायता समूह से जुडकर बैलारी निवसी अम्बिका पशुपालन कर डेढ से दो लाख रूपये वार्षिक आय प्राप्‍त कर रही है। बैंक सखी के रूप में उसका ग्राम में मान-सम्‍मान भी बढ गया है। वह आर्थिक रूप से आत्‍मनिर्भर होने के साथ ही सम्‍मानपूर्वक अपना जीवन जी रही है। 

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