आगर मालवा। कलेक्टर कैलाश वानखेड़े की अध्यक्षता में बुधवार को महिला सशक्तिकरण व स्वास्थ्य, शिक्षा व स्वच्छता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला सामुदायिक भवन गांधी उपवन आगर में बुधवार को संपन्न हुई। कार्यशाला में सीईओ जिला पंचायत डीएस रणदा, अतिरिक्त सीईओ, जितेन्द्र सिंह सेंगर, जिला शिक्षा अधिकारी अभिलाष चतुर्वेदी, महिला बाल विकास विभाग की सहायक संचालक रीना शर्मा, प्रभारी सीएमएचओ डॉ. राजीव बरसेना, जनपद सीईओ अनिल त्रिवेदी, सेक्टर समन्वय, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कार्यशाला में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि नारी परिवार का केंद्र बिंदु होती है, नारी शिक्षित होगी तो पूरा परिवार एवं समाज शिक्षित होगा, एक शिक्षित नारी ही सशक्त समाज एवं सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है, ग्रामीण क्षै़त्र का अमला गांवों में नारी शिक्षा को लेकर जागरूकता लाए। उन्होंने एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से कहा कि जितनी भी गर्भवती महिला है उनकी प्रसव पूर्व होने वाले सभी जांचे तथा समय-समय पर लगने वाले टीके अनिवार्य रूप से लगे। महिलाओं में गर्भावस्था के समय लगने वाले टीके के बारे में जागरूकता लाई जाए, ताकि उन्हें टीके की उपयोगिता एवं टीकाकरण नहीं करवाने पर होने वाले दुष्परिणाम के बारे में पता चल सके। उन्होंने कहा कि किसी भी गर्भवती महिला का आंगनवाड़ी केंद्र एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पंजीयन होना शेष नहीं रहे, साथ ही शासन के द्वारा उन्हें दी जाने वाली सुविधाएं एवं लाभ समय पर मिले। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओ को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार का सेवन करने हेतु जागरूक करें। महिलाओं को अपने दैनिक आहार में फल एवं सब्जियों का सेवन करने हेतु समझाईश दे। घर में ही सब्जियां एवं फल मिल सके इसके लिए आंगन परिसर में बगिया विकसित करवाएं। कलेक्टर ने कार्यशाला में उपस्थित सेक्टर समन्वयक अधिकारियों एवं गांव स्तर के अमले से कहा कि जिले में समग्र आईडी, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, संबल कार्ड बनवाने का कार्य एक मिशन के रूप में लेकर शत- प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करें। कोई भी व्यक्ति समग्र आईडी बनवाने एवं संशोधन से वंचित नहीं रहे। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों की अंकसूची में गलत जन्म तारीख को जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर संशोधित करवाएं तथा आगे से यह सुनिश्चित करें कि अंकसूची में जन्मतिथि गलत नहीं हो। उन्होंने हर घर नल जल योजना के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नल कनेक्शन महिलाओं के नाम से ही दिया जाए। कलेक्टर ने कार्यशाला के दौरान समन्वय अभियान अन्तर्गत समन्वय टीम के सेक्टर समन्वय को निर्देशित किया कि गांव में अपने भ्रमण के दौरान स्कूल, आंगनवाड़ी एवं अन्य शासकीय भवनों का निरीक्षण कर, वहां की व्यवस्था देखें तथा कोई भी कमी पेशी मिले तो उसे संबंधित अधिकारी से समन्वय कर दूर करवाएं। स्कूलों के भ्रमण के दौरान स्कूल निर्धारित समय पर खुलते हैं या नहीं, ग्रामीणों से फीडबैक ले एवं मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जरूर चेक करें। साथ ही स्कूल परिसर में साफ-सफाई है या नहीं, यह भी देखा जाए। बच्चों को खेलकूद गतिविधियों के लिए प्रदाय खेलकूद सामग्री उपयोग में ली जा रही है या नहीं, इसकी भी जानकारी लेकर संबंधित संस्था प्रमुख को निर्देशित करें कि बच्चों के मध्य खेलकूद गतिविधियां आयोजित करवाएं। सीएम हेल्पलाइन की दर्ज शिकायतों के संबंध में निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर समाधानकारी निराकरण करते हुए शिकायतें बंद करवाई जाए तथा ऐसी शिकायतें, जो झूठी है उनमें मौका पंचनामा एवं वीडियो बनाते हुए उन्हें फोर्स क्लोज करवाई जाए।
कार्यशाला में शिशु रोग विशेषज्ञ राहुल सेठिया ने शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण के संबंध में जानकारी देते हुए बच्चों का टीकाकरण अनिवार्य करने हेतु कहा। उन्होंने कहा की शिशु मृत्यु का एक मुख्य कारण बच्चों का समय पूर्व जन्म है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान महिलाएं अपना निरंतर चेकअप करवाएं, अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखे, नियमित पौष्टिक आहार का सेवन करें, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण में स्वच्छता गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण जिला समन्वयक-एसबीएम पवन स्वर्णकार द्वारा किया गया। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छ्ता में सभी को स्वच्छता व्यवहार जैसे, हाथ को स्वच्छ रखने के लिए हर अवसर पर हाथ धुलाई, नाखून को नही बढ़ने देना, व नाखूनों की सफ़ाई, बालों की सफाई, दैनिक स्नान आदि अभ्यास के बारे में बताया। ग्रामीण स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए, शौचालय की उपलब्धता व समुदाय की पहुँच, महिलाओं की गरिमा व स्वास्थ्य के लिए माहवारी स्वच्छता हेतु सेनेटरी नैपकिन को बढ़ावा देना एवं उपयोग उपरांत इनका सुरक्षित निपटान के लिए जागरूकता पर बल दिया। कार्यशाला को चिकित्सक बीबी पाटीदार ने भी सम्बोधित कर महिला एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। कार्यशाला को पर्यवेक्षक संगीता तोमर, उपस्थित एएनएम द्वारा भी सम्बोधित किया।