नीमच। आज सुबह स्कीम नंबर 36 बी पर हंगामे की स्थिति खड़ी हो गई। जहां एक भूखंड से नगरपालिका के स्वामित्व का बोर्ड अज्ञात व्यक्ति द्वारा काट कर फेंकने का मामला सामने आया। घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस एवं भाजपा के पार्षद मौके पर पहुंच गए।
बताया जाता है कि स्कीम नंबर 34 और 36 मैं अवैध भूखंडों का घोटाला 20 वर्ष पूर्व सामने आया था। जिसकी जांच आज दिनांक तक चल रही है। तत्कालीन कलेक्टर जितेंद्र राजे के आदेश पर नगरपालिका द्वारा अवैध भूखंडों पर नगर पालिका के स्वामित्व की बोर्ड लगवाए गए थे। उस क्षेत्र में वर्तमान में भी रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा रखी है। सुबह बोर्ड काट देने की घटना जैसे ही पता चली तब पार्षद योगेश प्रजापति, शशि कल्याणी और अरुण प्रजापति मौके पर पहुंच गए। वहां पर बोर्ड काटा हुआ पड़ा था। वहां पर रहने वाले झुग्गी झोपड़ी के लोगों का कहना है कि रात को कुछ लोग चार पहिया वाहन से मशीन लेकर आए थे और बोर्ड काट कर फेंक गए। बोर्ड जहां से काटा गया, उस जगह को पत्थरों से ढंक दिया गया है।
पार्षद योगेश प्रजापति ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगरपालिका के हालात बद से बदतर है। स्कीम नंबर 34 और 36 के अवैध भूखंडों का घोटाला वर्षों से चल रहा है। नगर पालिका ने अपने स्वामित्व के बोर्ड लगा रखे है, और उस पर लिखा गया है कि यह भूमि नगरपालिका के स्वामित्व की है। इस पर क्रय विक्रय करना अथवा कब्जा करना मना है। योगेश प्रजापति ने कहा कि यह भू माफियाओं का खेल है जिन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। अधिकारियों की मिलीभगत से यह काम हो रहा है इसमें कलेक्टर को हस्तक्षेप कर नगर पालिका की जमीन की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करना चाहिए।
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा का कहना है कि अधिकारियों से चर्चा कर इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।