देवास। विमलेश पिता रमेशचंद्र ग्राम काटकुट विकासखण्ड कन्नौद के कृषक हैं। इनके पास कुल 02 हेक्टेयर भूमि है। कृषक विमलेश पहले गेहूं, सोयाबीन, चने की खेती करते थे, जिसमें लागत के अनुपात में मुनाफा प्राप्त नहीं हो रहा था, फिर उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा उद्यानिकी फसलों एवं संरक्षित खेती के बारे में बताया।
उद्यानिकी विभाग से जुड़कर संरक्षित खेती योजना के घटक शेडनेट हाऊस निर्माण अंतर्गत 04 हजार वर्गमीटर में शेडनेट हाउस निर्मित किया, जिसके लिए 50 प्रतिशत अनुदान भी प्राप्त हुआ। निर्मित शेडनेट हाउस में मेरे द्वारा प्रथम वर्ष खीरा फसल ली गई। जिसमें मुझें 01 लाख 50 हजार का शुद्ध मुनाफा हुआ। वर्तमान में शेडनेट हाउस में शिमला मिर्च एवं ब्रोकली की फसल ली जा रही है, जिससे 03 लाख तक का शुद्ध मुनाफा होगा। कृषक विमलेश कहते है कि उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा विभागीय प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से उद्यानिकी की नवीन तकनिकी से खेती कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसान हितैषी योजनाऐं चलाई जा रही है, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यावद।