नीमच। अमावली जागीर, घसुंडी जागीर पंचायत क्षेत्र में अठारह बीस गांव वन क्षेत्र में बसे है। जब पूर्व में सर्वे हुआ तब आबादी बहुत छोटी होने, जंगली जानवरों से खेतों की सुरक्षा इत्यादि कारणों से वन क्षेत्र में निवासरत गांवों के लोग गांव से बाहर अलग अलग एक साथ निवास कर रहे है। कई सालो से उनकी अपनी एक समस्या है उन्हे नही पता था कि यह आबादी क्षेत्र में है या नहीं बस वे कच्चे मकान बना कर सालो से रह रहे। अब आबादी में नहीं होने के कारण बता कर उन्हे हटाया जाना या बेदखल करना न्याय पूर्ण नहीं है। उक्त बात विधायक दिलीप सिंह परिहार ने नीमच कलेक्टर से मुलाकात के दौरान कही।
बीते दिनों गोपालपूरा, पावड़ा में अतिक्रमण हटाए जाने पर तोड़ फोड़ पर खासे नाराज भाजपा नेता और विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कलेक्टर मयंक अग्रवाल से बात की। विधायक दिलीप सिंह परिहार, बीजेपी के पूर्व मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह भाटी, मंडल महामंत्री शुभम शर्मा, ग्रामीण नेता मनोहर रावत मीणा, उदयलाल रावत कलेक्टर मयंक अग्रवाल एवं एसडीएम ममता खेड़े से मिले। अमावली और घसुंडी क्षेत्र में डेढ़ दर्जन से गांवों में आबादी से बाहर आबादी से अंदर मकान की समस्या है। सन 1965 के नक्शे सर्वे के बाद वन क्षेत्र में निवासरत लोग बाहर बरसो से मकान बना कर रह रहे है उन्हे बेदखल नहीं किया जा सकता है। चर्चा के अनुसार कई समय से आबादी क्षेत्र के बाहर रहने वाले निवासियों को आबादी में सम्मिलित कर दिया जावे।
वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार की भू-स्वामित्व योजना के अनुसार उन्हे आवासीय पट्टे दिए जायेंगे। आबादी की समस्या को बहुत हद तक निपटा लिया जाएगा। पट्टे बनाने, बांटने, नई आबादी को विधिक तौर पर लेने के लिए विधायक, कलेक्टर, एसडीएम भी क्षेत्र में जायेंगे। उसकी रूप रेखा तय की जायेगी।