मंदसौर। जिले के सरपंचो ने कल दिनांक 11 जनवरी को मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए सुशासन भवन पहुंचकर पंचायत मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया।
सरपंच संघ जिला अध्यक्ष ने बताया कि सरकार ने पंचायतों पर जो नियम कानून लागू किए हैं इतने घटिया द्वेषपूर्ण है कि सरपंच किसी भी स्थिति में पंचायत में काम नही कर सकता हैं। अभी तक करीब 55 साल हो गए मेरे परिवार को सरपंच पद पर काम करते हुए परन्तु अभी तक इस तरह के नियम, कानून, पाबंदिया नही देखी है, जिसमे न तो मजदूरों को समय पर पैसा मिल रहा है और ऐसी गाइड लाइन जारी कर दी है कि गांव का विकास किसी भी स्थिति में संभव नहीं है।
जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि हम सभी सरपंच संघ ने मध्यप्रदेश पंचायत मंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को दिया है। जिसमे इन नियमों में बदलाव, संशोधन किया जाए और सरपंचों को अनदेखा न करें, हमारी मांगे जल्द पूरी की जाए।
दीपक मालवीय ग्राम पंचायत कुरावन सरपंच ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य है मनरेगा में जो शक्तियां, प्रावधान सरकार ने लागू किया है उन पाबंदियों को हटाकर स्वतंत्र रूप से सरपंच काम कर सके वो प्रावधान लागू किया जाए, अनुमति दी जाए और जो जियोटेक के नियम है उनमें बदलाव हो। मुख्यमंत्री ने सरपंचों को लड्डू दिए है मगर उनको हम खा नही पा रहे हैं क्योंकि उनमें शक्तियां इतनी लागू कर दी और मनरेगा के कार्यों में सरपंचों को वो अधिकार मिले और भी कई पंचायती अधिकार है वो सरपंचों को मिले जिससे सरपंच अच्छे से काम करेंगे और गांव का विकास भी होगा तो प्रदेश एवं देश का विकास होगा।