कटनी। अतिवर्षा और बाढ़ कि संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर अवि प्रसाद ने कहा कि अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिले के विभागों के अधिकारी सभी प्रबंधन पूरे कर लें।
नगरीय और जनपद स्तर पर सभी नाले-नालियों की सफाई, स्थानीय स्तर पर गोताखोरों की व्यवस्था, भराव वाले स्थलों से पानी की निकासी के लिए आवश्यक मोटर पंपों की व्यवस्था, आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता के इंतजाम कर लिए जाएं।
कलेक्टर ने कहा कि पिछले वर्षों में हुई अतिवर्षा को दृष्टिगत रखते हुए सभी जलाशयों और तालाबों के जल स्तर पर नियमित निगरानी की जाए। जल स्तर की जानकारी जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी अनिवार्य रुप से उपलब्ध कराई जाए।
वर्षा काल में सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हो। कलेक्टर ने कहा कि इसके लिए कंट्रोल रूम भी गठित किया जाए और कंट्रोल रूम की जानकारी जिला स्तरीय कंट्रोल रूम को दी जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करें। शासन द्वारा बाढ़ नियंत्रण के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि से जो भी आवश्यक सामग्री हो, उसको समय रहते क्रय कर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि आवश्यकता पड़े तो तत्काल बचाव कार्य किए जा सकें।
जिले के सभी जलाशयों में जल स्तर बढ़ने पर प्रभावित होने वाले गांव को चिह्नित किए जाने, बाढ़ की स्थिति बनने पर गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर रख जाने सहित अन्य सभी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
वर्षाकाल में नदी नालों पर स्थापित पुलों पर पानी बढ़ने की स्थिति में यातायात प्रतिबंधित रहे इसके लिए आवश्यक बैरियर की व्यवस्था कर कोटवारों की डयूटी लगाने कहा गया है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत, अपर कलेक्टर रोमानुस टोप्पो, डिप्टी कलेक्टर रोकश चौरसिया, सीएसपी विजय प्रताप सिंह, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व महेश मंडलोई, विंकी उईके सिंहमारे सहित अन्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी रही।