भोपाल | राज्य सरकार का 18 से 20 हजार करोड़ का पहला अनुपूरक बजट कैबिनेट ने मंजूर कर दिया। इसमें लाड़ली बहना योजना के लिए 5000 करोड़ और डिफॉल्टर किसानों की ब्याज माफी के लिए 650 करोड़ का प्रावधान है। इसके अलावा मुख्यमंत्री की घोषणाओं को भी अनुपूरक में प्राथमिकता दी गई है। सीएम हाउस में शनिवार को हुई यह कैबिनेट बैठक विशेष थी, क्योंकि इसके ठीक बाद मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की टिफिन पार्टी हुई। इसमें मंत्रियों की पत्नियां भी शामिल हुईं।
कैबिनेट में दो बिल भी लाए गए। इसमें मप्र आयुर्विज्ञान विवि (संशोधन) बिल 2023 और औद्योगिक निवेश संवर्धन (संशोधन) बिल 2023 शामिल हैं। इन्हें मंजूरी मिल गई। अब ये विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होंगे। मप्र आयुर्विज्ञान विवि में कुलपति, रजिस्ट्रार और कंप्ट्रोलर की नियुक्ति के नियमों में संशोधन हुआ है। कुलपति के लिए अब तीन नामों का पैनल बनेगा। रजिस्ट्रर और कंप्ट्रोलर के पद पर किसी भी कॉलेज में 7 साल तक प्राचार्य होने की शर्त भी दो साल घटाकर 5 वर्ष कर दी गई है। इसी तरह अधिकारी (राज्य प्रशासनिक सेवा और आईएएस) भी रजिस्ट्रार और कंप्ट्रोलर बन सकेंगे।
निवेशकों को गलती पर अब जेल नहीं होगी
औद्योगिक निवेश बिल में मप्र में निवेश करने वाले उद्योगपति यदि गलत जानकारी देते हैं तो पहले जुर्माने और जेल का प्रावधान था, इसमें से जेल जाने का प्रावधान हटा दिया गया है। इसी तरह नए प्रस्तावित पॉवर प्लांटों व स्थापित हो चुके प्लांटों से बिजली खरीदी की दर भी तय हो गई है। इससे पहले विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ चर्चा की।