चित्तौड़गढ़ । राजस्थान विधानसभा में विद्युत विभाग पर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोलते हुए चित्तौड़गढ़ विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने सरकार को आढ़े हाथो लिया। उन्होने विधानसभा में कहा कि समूचे राजस्थान में तो बिजली की समस्या के साथ उनके विधानसभा क्षैत्र में बिजली की किल्लत से आमजन के साथ किसान वर्ग विशेष तोर पर काफी लम्बे समय से परेशान है। लोड सेटिंग के नाम पर रोजाना रात को 3 से 4 घण्टे बिजली बंद कर दी जाती है। जिससे किसानो को बारीश के मोसम में जब जहरीले जीव जन्तुओ की भरमार होती है ऐसी रातो में बिना बिजली के रात काटने पर मजबूर होना पढ रहा है। बिजली के अभाव में गांवो में मोसमी बिमारीयो का प्रभाव दिन प्रतिदिन बढता जा रहा है। गांवो मेें ट्रांसफार्मर जल जाने पर 20 से 25 दिन तक नये ट्रांसफार्मर नही मिल पाते है। विभाग के पास ट्रांसफार्मर उपलब्ध ही नही है।
उन्होने विधानसभा अध्यक्ष से इस बाबत मंत्री को निर्देश देने का अनुरोध किया। उन्होने कहा की नवीन कृषि कनेक्शन धारकों को गत एक वर्ष से विद्युत सामग्री उपलब्ध नही हो पा रही है। सन् 2018 में फ्यूल चार्ज के नाम पर 18 पैसे प्रति यूनिट वसूली की जाती थी लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा 52 पैसे प्रति यूनिट वसूली की जा रही है जो गरीबी की मार झेल रहे किसानो के हितो पर कुठाराघात है।
विधायक आक्या ने सरकार की महंगाई राहत केंप को ढकोसला बताते हुए कहां की इस योजना में एक तरफ सरकार आमजन व किसानो की बिजली माफ होने का प्रचार कर रही है जबकी वास्तवीकता इसके विपरित है बिजली बिलो में अलग अलग चार्ज जोडे़ जाने से पहले के मुकाबले दोगुनी राशी के बिल आ रहे है। उन्होने सरकार की वीसीआर भरने की योजना का विरोध करते हुए कहां की विभाग के एमडी द्वारा अधिकारियो को टारगेट दिये गये है उनके पास इसकी काॅपी है इसमें अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ट अभियंता स्तर के अधिकारियों को वीसीआर के माध्यम से लाखो की वसूली का टारगेट दिया गया है जो अधिकारी टारगेट पूरा करने के नाम पर फर्जी तरीके से गरीब किसानो को परेशान कर अवेध वसूली कर रहे है, उन्होने इसे बंद कराने की मांग की। विद्युत फाल्ट निकालने के नाम पर लम्बे समय तक बिजली बंद कर दी जाती है। उन्होने कहां की भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल के दौरान विद्युत की आपूर्ति इतनी सुचारू रूप से की जाती थी कि किसान बिजली जाने का इंतजार करते थे जबकि इस सरकार के कार्यकाल में आमजन व किसान वर्ग बिजली आने का इंतजार करते है।