ग्वालियर। हर पढ़ने योग्य बच्चे को स्कूल से जोड़ने के लिये माइक्रो प्लानिंग करें। घर-घर संपर्क कर अभिभावकों को समझाएँ और बच्चों को स्कूल भेजने के लिये प्रेरित करें। खासतौर पर ऐसे परिवारों पर विशेष फोकस करें, जो काम की तलाश में बाहर चले जाते हैं। जब ऐसे परिवार वापस गाँव में लौटें तो न केवल उन परिवारों के बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिये बुलाएँ बल्कि उनके लिये अलग से कक्षाएँ लगाएँ, जिससे उनकी पढ़ाई का गैप पूरा हो सके। यह बात खनिज विभाग के प्रमुख सचिव एवं स्कूल चलें हम अभियान के ग्वालियर जिले के प्रभारी राघवेन्द्र सिंह ने स्कूल चलें हम अभियान की समीक्षा बैठक में कही।
प्रमुख सचिव सिंह ने गुरूवार की देर शाम कलेक्ट्रेट के सभागार में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर ग्वालियर जिले में स्कूल चलें हम अभियान के तहत आयोजित हो रही गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार, अपर कलेक्टर एच बी शर्मा, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण दीपक पाण्डेय, जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार एवं जिला परियोजना समन्वयक रविन्द्र सिंह तोमर सहित स्कूल शिक्षा विभाग के जिला व खण्ड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि जिन गाँवों के स्कूल में पहली कक्षा में कम बच्चे भर्ती हुए हैं वहाँ के लिये विशेष रणनीति बनाकर काम करें। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य यह हो कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से छूटे नहीं। ऐसे सभी गाँवों में बच्चों की सूची बनाकर घर-घर जाकर मिलान करें। उन्होंने स्कूलों में मोटीवेशन के लिये सेवाभावी वॉलेन्टियर व नागरिकों को जोड़ने पर भी बल दिया। साथ ही कहा कि सभी के साझा प्रयासों से स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करें। स्मार्ट क्लास की स्थापना में ग्रामीणों की भी भागीदारी हो, जिससे वे अपनी जिम्मेदारी समझें। वॉलेन्टियर के विकासखंडवार ग्रुप बनाएँ और उनसे सतत संपर्क बनाए रखें।
प्रमुख सचिव सिंह द्वारा शाला त्यागी व शाला प्रवेशी बच्चे, पहली कक्षा में कुल इनरॉलमेंट, पाँचवी से छठवीं कक्षा एवं आठवीं से नौवी कक्षा में पहुँचे बच्चों की जानकारी ली। साथ ही स्कूल चलें हम अभियान की अन्य गतिविधियों की जानकारी ली।
कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने जिल में स्कूल चलें हम अभियान के तहत अब तक आयोजित हुई गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही मैदानी अधिकारियों ने भी अभियान की गतिविधियों के बारे में बताया।