शिवपुरी। जिले के मगरौनी में एक गुरुद्वारा ग्रंथी के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। मारपीट के मामले के बाद सिख समाज के लोगों ने शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक रघुवंश प्रसाद सिंह भदौरिया को एक ज्ञापन दिया है, और ज्ञापन में हमलावरों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा गुरुद्वारा ग्रंथी के साथ मारपीट और पगड़ी उछाले जाने के बाद इस मामले में धार्मिक भावनाएं आहत होने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
सिख समाज के लोगों ने एसपी को दिए ज्ञापन में बताया कि जिले के मगरौनी में स्थित गुरुद्वारा के ग्रंथी शेरसिंह 25 जुलाई को जब स्कूल बस से आ रहे अपने बच्चों को लेने दोपहर 2:00 बजे जा रहे थे, तो गुरुद्वारा रोड पर देवरीखुर्द के पूर्व सरपंच प्रेमसिंह कुशवाह का ट्रैक्टर रास्ते में खड़ा था। चूंकि स्कूल बस को निकलना था, इसलिए शेरसिंह ने ट्रैक्टर स्टार्ट करके साइड से खड़ा कर दिया। इसी बात पर प्रेम सिंह के बेटे रामाधर, रिंकू, राजकिशोर अपने अन्य साथियों के साथ गुरुद्वारा पहुंचे और ग्रंथी के साथ अभद्रता करने के साथ ही जान से मारने की धमकी देकर चले गए। इस मामले की शिकायत करने जब ग्रंथी मगरौनी चौकी पहुंचे तो पुलिस ने कहा कि दो घंटे बाद आना।
चौकी से वापस आते समय देवरीखुर्द नहर के पास लाठी-डंडों से लैस प्रेमसिंह व उसके बेटों सहित उनके साथियों ने शेर सिंह का रास्ता रोक लिया तथा मारपीट करने लगे। शेरसिंह के साथ गुरिदर सिंह व सतनाम सिंह भी थे, जिन्होंने किसी तरह बीच बचाव किया। इस दौरान हमलावरों ने ग्रंथी की पगड़ी उछालकर फेंक दी थी।
आवेदन लेकर आये सिख समाज के लोगों ने एसपी से कहा कि हमलावरों ने ग्रंथी की पगड़ी उछालकर धार्मिक भावना आहत की है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष हम पर हरिजन एक्ट लगवा रहे हैं और दो बार हरिजन थाने से हमारे पास फोन भी आया। एसपी बोले कि वे मेरे पास भी आए थे, मैंने उन्हें मना कर दिया कि हरिजन एक्ट नहीं लगेगा। साथ ही एसपी ने कहा कि हरिजन थाने से फोन क्यों और कौन लगा रहा है, यह मैं पता करवाता हूं।