रतलाम। जावरा विकासखंड के 20 स्थानों पर पहुंची स्नेह यात्रा 26 अगस्त को रतलाम में प्रवेश करेगी स्नेह यात्रारतलाम 25 अगस्त 2023/ समाज न टूटे यह बात हम सबको समझना होगा। हमारा देश हमें चलाना है यह संप्रभुता बनी रहे यह हमारी जिम्मेदारी है। हमारे अंदर ही ऐसे तत्व है जो विखंडन की राजनीति करते हैं अतः हम सबको जागरूक रहने की आवश्यकता है। स्नेह यात्रा का प्रधान लक्ष्य यही है कि हम सब एक दूसरे से प्रेम करें। हम सबको मानव जाति से प्रेम करना चाहिए। जब हरि का भजन करके सब हरि के हो जाते हैं तो फिर जाति कहां रह जाती है। भक्त की कोई जाति नहीं होती हमें यह ध्यान रखना होगा। इसलिए आप सभी सारे द्वेष, विद्वेष और कटुता को भुलाकर आपस में स्नेह का मार्ग प्रशस्त करें। मध्यप्रदेश शासन की यही मंशा है। इसलिए यह स्नेह यात्रा है। उक्त बात आचार्य स्वामी नील कंठेश्वर प्रभू जी महाराज ने कही। वे रतलाम जिले में नौवें दिन बड़ावदा नगर विकासखंड जावरा में संचालित स्नेह यात्रा मैं बोल रहे थे।
स्वामी सुधाकर पुरीजी महाराज ने राजा खेडी में बोलते हुए कहा हम आपस बटे जा रहे हैं और निरंतर टूट रहे हैं फिर भी हम एकजुट नहीं हो पा रहे हैं, यह भाव जब अधिक दिखा तो सरकार को स्नेह यात्रा का संचालन करना पड़ा। इस यात्रा का उद्देश्य सबको सम्मानता का भाव उत्पन्न करना है। इसलिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा निकाली जा रही इस स्नेह यात्रा में आप सभी लोग इसकी मूल अवधारणा को समझकर कार्य करें। भगवान ने सबको समान अवसर दिए हैं। जब ईश्वर ने भेदभाव नहीं किया तो आप कैसे कर सकते हैं। इसलिए हमें जातियों से ऊपर उठकर सोचना होगा। गांवों में आज भी भेद का भाव आता है लेकिन उसे स्नेह से दूर किया जा सकता है। इस यात्रा में जिस प्रकार का स्नेह मिल रहा है यह अविभूत है। जैसे ही द्वेष खत्म होगा और प्रेम का विस्तार होगा शासन की इस यात्रा का उद्देश्य पूर्ण हो जाएगा। यह यात्रा प्रत्येक दिन लगभग 10 वंचित ग्रामो से निकल रही है। रतलाम जिले के विकासखंड जावरा में स्नेह यात्रा पूर्ण होकर अब यह रतलाम विकासखंड में प्रवेश करेगी। इस दौरान नौवे दिन यात्रा जब बड़ावदा से आरंभ हुई।उक्त यात्रा बड़ावदा राजा खेडी, उन्खेडिया, नयापुरा, भुतेडा, उपलाई, निमन, नागदी, खिमा खेडी,सरसी, में रात्रि विश्राम और सहभोज हुआ।
इस यात्रा के प्रति ग्रामीणों में काफी उत्साह है। स्वामीजी के द्वारा समस्त ग्रामों में ग्रामवासियों को आपसी प्रेम, सहयोग, स्नेह साथ ही जातिपांति, उंच-नीच, अमीर-गरीब, छूआछूत इन सबसे उपर उठकर सभी को सामूहिक रूप से समाज में सामूहिकता से रहने का संदेश दिया जा रहा है। ज्ञातव्य है उक्त यात्रा में स्वामी नील कंठेश्वर प्रभू जी का मार्गदर्शन जनमानस को प्राप्त हो रहा है।यात्रा में जिला प्रशासन के साथदृसाथ गायत्री परिवार, पतजलि, रामचंद्र मिशन, अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, रत्नेश विजयवर्गीय जिला समन्वयक जन अभियान परिषद जिला रतलाम तथा विकासखंड समन्वयक जावरा युवराज सिंह पंवार तथा जावरा विकासखंड के समस्त मेंटर, समस्त सीएमसीएलडीपी के छात्र/छात्राओं की सहभागिता रही।