शाजापुर। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शाजापुर में कलेक्टर एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित प्रशासक किशोर कन्याल की अध्यक्षता में 105वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर उपायुक्त सहकारिता शाजापुर ओपी गुप्ता, उप संचालक कृषि शाजापुर केएस यादव, सहायक आयुक्त आरएस जरिया, सहायक आयुक्त आगर मालवा एनएस भाटी, बैंक प्रबन्धक केके नागर उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर कन्याल ने बैंक का वर्ष 2022-23 का वार्षिक प्रगति विवरण प्रस्तुत करते हुए बैंक द्वारा संधारित योजनाओं एवं अपने अमानतदारों को प्रदान की जा रही सुविधाओं एटीएम स्थापना, खाते का बैलेन्स जानने के लिए मिस्ड काल अलर्ट सुविधा, बिल भुगतान के लिए बीबीपीएस, पेक्स कम्प्यूटरीकरण संस्थाओं के पुनर्गठन एवं केन्द्र सरकार की सहकार से समृद्धि के अंतर्गत लागू की जा रही नवीन योजनाओं का उल्लेख किया। कलेक्टर द्वारा बैंक शाखा प्रबन्धकों एवं कर्मचारियों से अमानतों में वृद्धि, एनपीए ऋणों में कमी एवं कालातीत अकृषि ऋणों की वसूली के लिए ठोस प्रयास करने तथा बैंक की लाभप्रद्गता बढाने की अपेक्षा व्यक्त की गई। सम्मेलन में उपस्थित सदस्यों से बैंक एवं अमानतदारों ग्राहकों के हित में सुझाव भी चाहे गये। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरके दुबे द्वारा बैंक का वार्षिक प्रतिवेदन एवं लेखा विवरण प्रस्तुत किया गया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2022-23 में अंशपूंजी 9376 लाख रूपये, निधियाँ 11783.27 लाख रूपये, कार्यशील पूँजी 174162.61 लाख रूपये, ऋण वितरण 131641.90 लाख रूपये, अमानतें 62775.79 रूपये एवं बैंक का लाभार्जन रूपये 0.85 लाख रहा है। अंकेक्षित लेखा विवरण वर्ष 2024-25 का प्रस्तावित बजट प्रस्तावित वार्षिक कार्यक्रम वर्ष 2024-25 लाभ विभाजन वर्ष 2022-23 वर्ष 2024-25 के लिये बैकों की अधिकत ऋण सीमा स्वीकृति बाबत आदि विषयों का सभा में सर्वानुमति से अनुमोदन किया।
इस दौरान कलेक्टर कन्याल द्वारा उपस्थित संस्था प्रतिनिधियों से अपेक्षा व्यक्त की गई कि बैंक यद्यपि लाभ अर्जित कर रही है किन्तु एनपीए अधिक होने के कारण बैंक कर्मचारियों को बोनस एवं अंशधारकों को लाभांश का वितरण नहीं हो पा रहा है। अतः अधिक से अधिक एनपीए ऋणों की वसूली पर जोर दिया जाना चाहिये। बैंक द्वारा कृषकों को फसल ऋण वितरण के अतिरिक्त अन्य हितग्राहियों को भी अकृषि ऋण दिया जाता है, किन्तु अकृषि ऋणों के मद में वितरित ऋण की वसूली अत्यन्त असंतोषजनक है, ऐस सभी बकायादारों से ऋण वसूली बाबत वैधानिक कार्यवाही करने तथा आवश्यकतानुसार शासकीय अमले का उपयोग बैंक के ऋण वसूली कार्य में लेने के लिये सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। कार्यक्रम का संचालन प्रबन्धक एनके गुप्ता ने किया एवं आभार मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुबे ने माना।