नीमच। ज्ञानोदय द कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस पॉलिटेक्निक सुवाखेडा महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय पीसीबी डिजाइनिंग कार्यशाला का शुभारंभ ज्ञानोदय ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के ग्रुप डायरेक्टर डॉ प्रशांत शर्मा द्वारा किया गया।
डॉ शर्मा ने अपने वक्तव्य में बताया कि किस प्रकार प्रायोगिक ज्ञान का पॉलिटेक्निक एवं विज्ञान में विशेष महत्व है। जब विद्यार्थी स्वयं प्रयोग करके सीखता है तो उसके मस्तिष्क में यह ज्ञान लंबे समय तक स्थाई रहता है। साथ ही पीसीबी डिजाइनिंग के आविष्कार से विज्ञान जगत में हुई क्रांति पर भी अपने विचार रखें।
उपरोक्त कार्यक्रम में इलेक्ट्रिकल विभाग के विभागध्यक्ष बालूराम नागरिया ने पीसीबी डिजाइनिंग में काम आने वाला विभिन्न कॉम्पोनेंट्स जैसे आईसी, ट्रांजिस्टर, रजिस्टर, कैपेसिटर, डायोड, कॉपर प्लेट, सोल्डरिंग मशीन इत्यादि के प्रयोग एवं महत्व पर विस्तार में प्रकाश डाला। प्रो सुनील सुथार एवं प्रो विनोद आर्य द्वारा पीसीबी प्लेट्स पर बच्चों को प्रैक्टिकल करवाते हुए विभिन्न कॉम्पोनेंट्स को असेंबल एवं डिसेमबल करवाया गया। कार्यक्रम का आभार पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के उप प्राचार्य विक्रम सिंह सिसोदिया द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रो किशन पुरोहित के द्वारा किया गया। उक्त जानकारी प्रो अनूप चौधरी ने दी।