टीकमगढ़। विधानसभा निर्वाचन 2023 के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो जाएगी। इसके साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया की खबरों और विज्ञापनों पर जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला एमसीएमसी भी कड़ी निगरानी रखना प्रारंभ कर देगी। इस आशय की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनोज खत्री ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी और मीडिया के नोडल अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दी। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में डिप्टी कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी दीपाश्री गुप्ता, मीडिया के नोडल ऑफीसर शेफाली तिवारी, निरीक्षण पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग नीता राज, इलेक्शन सुपरवाइजर ज्ञानेन्द्र मोगिया, मजीद खान भी उपस्थित रहे।
उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सभी जिलों में गठित जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग एवं सर्टिफिकेशन कमेटी आदर्श आचरण संहिता लागू होने के साथ सक्रिय हो जाएगी। इसके पूर्व अवलोकन समिति के सदस्यों की 24 घंटे मॉनिटरिंग ड्यूटी एमसीएमसी का आवश्यक सेट-अप, टीवी सेट, केबिल कनेक्शन, मॉनिटरिंग सेट-अप की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के मॉनिटरिंग और विज्ञापनों के प्रमाणीकरण के लिए रजिस्टर संधारित करायें। आचार संहिता के दौरान फेक न्यूज़, एमसीएमसी के उल्लंघन की खबरें और संदिग्ध पेड न्यूज़ पर कड़ी नजर रखें। प्रिंटिंग प्रेस की बैठक लेकर धारा 127 आरपी एक्ट के प्रावधानों की जानकारी से अवगत कराये। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विज्ञापन दरों के संबंध में स्टैंडिंग कमेटी की बैठकों में जानकारी दी जाए।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया में अभ्यर्थी से संबंधित कोई भी विज्ञापन को प्रि-सर्टिफाइड करना जरूरी होगा। अभ्यर्थी के सोशल मीडिया अकाउंट पर की गई पोस्ट का प्रमाणन जरूरी नहीं होगा। लेकिन अन्य सोशल मीडिया पर विज्ञापनों का प्रमाणीकरण आवश्यक होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जनसंपर्क विभाग के विशेषज्ञ सोशल मीडिया सुनील वर्मा ने फेक न्यूज़ की पहचान, फैक्ट चेक के बारे में विस्तार से जानकारी दी।