भोपाल। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई भी बंद हो गई है। भोपाल में मंगलवार को जनसुनवाई नहीं हुई। वहीं, जरूरतमंदों को रेडक्रास से भी मदद नहीं मिलेगी। उधर, एडीएम प्रकाश सिंह चौहान ने शहर के प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की मीटिंग ली। उन्हें कहा गया कि वे चुनाव की प्रचार सामग्री में समाज में घृणा फैलाने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली बातें प्रकाशित न करें, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर, जिला प्रशासन ने चेकिंग के दौरान एक लाख 9 हजार रुपए जब्त किए हैं।
रिटर्निंग अधिकारी एवं गोविंदपुरा एसडीएम एलके खरे ने बताया, स्थैतिक निगरानी दल गोविंदपुरा ने रायसेन बायपास पर चेकिंग के दौरान जय प्रकाश कुशवाह को रोका। उनके पास से 1 लाख 9 हजार 630 रुपए की राशि प्राप्त हुई। राशि के संबंध कुशवाह स्पष्ट जवाब नहीं पेश कर पाए। इस पर स्थैतिक निगरानी दल ने राशि जब्त कर ली। ट्रेजरी ऑफिसर को प्रतिवेदन पंचनामा जप्ती रसीद सहित भेजी गई है।
बता दें कि सोमवार को आचार संहिता लागू हो गई थी। इसके बाद देर रात तक निगम ने 2890 फ्लैक्स, बैनर और पोस्टर सरकारी संपत्ति से हटा दिए। मंगलवार को भी कार्रवाई चली। कलेक्टोरेट में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक होने वाली जनसुनवाई मंगलवार को नहीं हुई। पिछली जनसुनवाईयों में कलेक्टर आशीष सिंह भी मौजूद रहे थे। उन्होंने जरूरतमंदों को रेडक्रास के जरिए आर्थिक मदद भी की थी, लेकिन इस मंगलवार को न तो जनसुनवाई हुई और न ही रेडक्रास से मदद दी गई।
एडीएम चौहान एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रविशंकर राय की मौजूदगी में मंगलवार को कलेक्टोरेट में प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक हुई। इसमें बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशानुसार पेम्पलेट्स, पोस्टर्स, पर्चे आदि प्रचार या प्रिंट सामग्री पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम और पता लिखा जाना अनिवार्य होगा। प्रकाशित सामग्री की प्रतियां निर्वाचन कार्यालय में भी जमा की जाना होगी। प्रिंट सामग्री में संख्या भी अंकित करना होगी। उल्लघंन पाये जाने पर संबंधितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें 6 माह तक का कारावास, 2 हजार रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
प्रकाशित सामग्री की प्रतियां जिला निर्वाचन कार्यालय एवं व्यय लेखा शाखा में जमा करना जरूरी होगा। मुद्रित एवं प्रकाशित सामग्री के आधार पर खर्चा प्रत्याशी के व्यय लेखा में जोड़ा जाएगा। कोई भी प्रकाशक एवं मुद्रक ऐसी सामग्री प्रकाशित नहीं करें, जिससे कि आचार संहिता का उल्लघंन होता हो। समाज में घृणा फैलाने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री किसी भी हाल में प्रकाशित नहीं की जाए। निर्धारित प्रारूप में जिला निर्वाचन कार्यालय को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।