नीमच। भाजपा की प्रदेश में पांचवी सूची जारी होने के बाद प्रदेश में कई जगह प्रत्याशियों का जमकर विरोध हो रहा हैं। 22 सीटों पर कार्यकर्ता प्रत्याशी बदलने की मांग कर रहे हैं, वहीं 10 सीटों पर बगावत के सुर सामने आ रहे हैं। कार्यकर्ता नारेबाजी और पुतला दहन कर अपनी नाराजगी जता रहे हैं। ऐसा ही विरोध नीमच जिले की मनासा विधानसभा सीट पर देखने को आ रहा हैं। यहां से भाजपा ने वर्तमान विधायक अनिरुद्ध माधव मारु को उम्मीदवार बनाया हैं।
बीते कल मनासा में पूर्व मंत्री कैलाश चावला, पूर्व विधायक विजेन्द्रसिंह मालाहेड़ा,जिला महामंत्री, पूर्व विधानसभा प्रभारी और कई वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में भाजपा द्वारा घोषित प्रत्याशी माधव मारु का एक स्वर में विरोध किया और उम्मीदवार बदलने की मांग की। उपस्थित सभी नेताओं ने निर्णय लिया कि आगामी 26 अक्टूबर को कुकड़ेश्वर में एक कार्यकर्ता सम्मेलन रखा जाएगा जिसमे सभी के निर्णय अनुसार आगामी रुपरेखा बनाई जाएगी।
बैठक में मौजूद पूर्व मंत्री कैलाश चावला ने वर्तमान विधायक और प्रत्याशी मारु को लेकर तीखी टिप्पणी की। चावला ने कहा कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने लोकमत और जनमत के खिलाफ फैसला लेकते हुए प्रत्याशी चयन किया हैं। मारु का 5 वर्ष का आचरण आतंक जैसा रहा हैं। हर वर्ग मारु से परेशान हो गया हैं। मारु में न तो बोलने का ढंग हैं और ना ही संगठन की समझ हैं। 5 सालो से केवल एकसूत्रीय कार्यक्रम चल रहा हैं। मारु की कार्यप्रणाली हैं कि गलिया दो, दबाव बनाओ पर अपना काम निकलवाओ। विधानसभा में थाने बंधे हुए हैं, तहसीलों में अत्याचार हो रहा हैं, एसडीओ बंधे हुए हैं। हर जगह से मारु की रुपयों की बंदी हैं। हर जगह से मारु केवल पैसे इक्कठे करने के काम कर रहे हैं। इससे भाजपा कार्यकर्ता में नाराजगी हैं। आम कार्यकर्ता प्रताड़ित महसूस कर रहा हैं और मुक्ति पाना चाहता हैं।
चावला ने आगे कहा कि जब से टिकिट फ़ाइनल हुआ हैं तब से हजारों कार्यकर्ताओं के मेरे पास फोन आ गए हैं। पार्टी के निर्णय के खिलाफ हर कार्यकर्ता हैं। सभी मुझसे कह रहे हैं कि समाधान निकालो और इस निर्णय को बदलने के लिए पार्टी को बोलो। में निर्णय हुआ हैं कि पार्टी के इस फैसले को स्वीकार नहीं किया जाएगा और भाजपा शीर्ष नेतृत्व से हम लोग आग्रह करेंगे कि मनासा विधानसभा में प्रत्याशी को बदला जाए। मैंने तीन पीढ़ियों से पार्टी की सेवा की हैं। पार्टी के लिए हमने खून पसीना बहाया हैं। परन्तु बागी आदमी को टिकिट देकर पार्टी ने अपनी नीतियों के खिलाफ काम किया हैं। जो व्यक्ति कार्यकर्ताओं का शोषण करता हो उसका उम्मीदवार घोषित करना पार्टी के सिद्धांतो के खिलाफ हैं। हम लोग 26 अक्टूबर को कुकड़ेश्वर में एक सम्मेलन आयोजित करने जा रहे हैं। जिसमे विधानसभा से भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता सम्मिलित होंगे और आगे का निर्णय लेंगे। अगर शीर्ष नेतृत्व ने उम्मीदवार नहीं बदला तो निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला भी लिया जाएगा।
पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह मालाहेड़ा ने भी माधव मारु पर खुलकर आरोप लगाए। मालाहेड़ा ने कहा कि मारु की क्षेत्र में तानाशाही चल रही हैं। 5 सालो में भ्रष्टाचार में किसी को नहीं बक्शा हैं। साथ ही सबसे अभद्र व्यवहार किया हैं। बालू रेत में कमीशन लेना, गोशाला को व्यक्तिगत करना, खादी ग्रामोद्योग, कम्बल बुनकर केंद्र की जमीन अपने नाम करना जैसे काम किए हैं। 5 साल में थाने की दलाली और जमीनों पर कब्ज़ा करने का काम मारु ने किया हैं। कंजार्डा के चौकड़ी गांव में मारु ने पुलिस द्वारा कार्यवाई करने पर 60 लाख में तोड़ करवाया था। मारु का काम हैं कि बेकसूर लोगो को फर्जी प्रकरण बनाकर जेलों में ठुसों और उनसे तोड़ बट्टे के नाम पर अवैध वसूली करो। मारु से भाजपा कार्यकर्ता, कर्मचारी, व्यापारी, मजदुर और किसान सभी परेशान हो गए हैं। आगामी बैठक में जो निर्णंय होगा वो किया जाएगा।
इस दौरान बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओ ने मारु के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यवक्त किया। साथ ही नारे भी लगाए कि लोकमत के विरुद्ध निर्णय नहीं चलेगा-नहीं चलेगा, संगठन परिवर्तन करें-परवर्तन करें। अब देखना हैं कि 26 अक्टूबर की बैठक में मनासा विधानसभा को लेकर क्या मोड़ आता हैं। क्या भाजपा की ओर से भी बागी उम्मीदवार देखने को मिल सकता हैं या भाजपा शीर्ष नेतृत्व कोई निर्णय लेता हैं।