ग्वालियर। भाई दूज के मौके पर जेल में बंद बंदी भाइयों को तिलक करने आई बहनों को जेल के अंदर जाने से रोक दिया गया। उनको बताया गया कि विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता के चलते जेल में मिलाई पर रोक लगा दी गई है। दूर दराज गांव व शहरों से भाइयों को तिलक करने पहुंची बहनों ने नाराजगी दिखाते हुए जाम लगा दिया। हंगामा की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। नाराज महिलाओं को समझाया कि आचार संहिता पर मिलाई पर रोक है। काफी देर हंगामा के बाद महिलाएं मानी। इसके बाद ट्रैफिक जाम खुल सका। इस दौरान कुछ आक्रोशित बहनों की पुलिस से झड़प भी हुई।
दीपावली की दौज पर ग्वालियर के सेन्ट्रल जेल में बंद कैदियों की बहनें दूर-दूर से उनको टीका करने आई थीं। कोविड काल में यह मिलाई पूरी तरह बंद कर दी थी। पर जब कोविड से उभरे तो यह भाईदूज, रक्षाबंधन पर बंदियों से उनके बहनों की मुलाकात फिर शुरू की गई थी। बुधवार को दीपावली के तीसरे दिन भाईदूज के मौके पर भाइयों के माथे पर टीका करने की आस लेकर आई बहनों को जब पता चला कि आचार संहिता के चलते जेल में बहनों की मिलाई पर रोक लगाई है। जेल प्रबंधन से कुछ देर उलझने के बाद महिलाए एकजुट होकर जेल गेट पर पहुंची और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। जाम का पता चलते ही महिला पुलिस और बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा और चक्काजाम कर रही बहनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह भाइयों को बगैर टीका लगाए जाने पर सड़क से हटने को तैयार नहीं हुई तो आस-पास के थानों से महिला पुलिस बल को मौके पर बुलाया।
पुलिस से भी उलझ गई महिलाएं
पुलिस ने काफी देर समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह टस से मस नहीं हुई तो पुलिस ने अपने तरीके से सभी को हटाना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ महिलाएं पुलिसकर्मियों से उलझी, लेकिन पुलिस ने उनकी एक ना सुनी और उन्हें सड़क से हटा दिया।
जेल प्रबंधन का कहना
जेलर विदित सरबइया का कहना है कि आज जेल में भाई बहनों की मिलाई का कोई आदेश ऊपर से नहीं था। साथ ही आचार संहिता लागू होने से मिलाई नहीं हो पाई।