शाजापुर। जिला अस्पताल प्रांगण में एक ऐसा मामला सामने आया। जहा लाखों रुपए के वाहन छोटी-मोटी खराबी आने के बाद खड़े कर दिए गए थे। इन वाहनों को खड़ा करने के बाद इनकी तरफ आज तक किसी भी जिम्मेदार ने पलटकर तक नहीं देखा। ऐसे में ये वाहन जो किसी समय में बहुत उपयोगी थे। आज भंगार में तब्दिल हो रहे हैं। इतना ही नहीं लाखों रुपए के इन वाहनों को बीते चार सालों में संबंधित विभाग ने नीलाम भी नहीं किया है। जिला अस्पताल परिसर में ये वाहन धूल खा रहे हैं।
जिला अस्पताल में पदस्थ सिविल सर्जन बीएस मेना ने बताया कि कोविड काल के पहले से नीलामी की प्रक्रिया नहीं हुई। इस कारण वाहन परिसर में खड़े हैं। हमने जिम्मेदार अधिकारियों को एक चिट्ठी लिखी है। संभावना है। कि आने वाले कुछ समय में प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन वाहनों की नीलामी की जा सकेगी।