मुरैना। एक बार फिर ई रिक्शा चालकों ने अपने हक की आवाज उठाई है। इन ई रिक्शा चालकों ने यातायात विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। वे पहले मेला ग्राउंड में एकत्रित हुए। जब यातायात विभाग के अधिकारियों ने नहीं सुना तो उन्होंने कलेक्टर बंगले का घेराव कर दिया। कलेक्टर बंगले का घेराव होते देख, यातायात विभाग के अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए और उन्होंने तुरंत आनन फानन में वहां जाकर रिक्शा चालकों को खदेड़ दिया। ई रिक्शा चालकों को खदेड़ने में यातायात विभाग के अधिकारी कामयाब तो हो गए, लेकिन इस घटना ने उनकी पूरी पोल खोल दी। घटना रविवार की है।
बता दे कि, यातायात विभाग द्वारा ई रिक्शा चालकों के साथ अन्याय करने का यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी इस विभाग के अधिकारियों ने एक फर्जी कमेटी बनाकर अपने चहेते ई रिक्शा चालकों को एमएस रोड का रूट आवंटित कर दिया था। लेकिन उनकी यह स्कीम कामयाब हो पाती, उससे पहले ही ई रिक्शा चालकों ने हंगामा मचा दिया और पूरी स्कीम का भंडाफोड़ कर दिया। परिणाम यह हुआ कि कलेक्टर के आदेश पर सही कमेटी का गठन किया गया तथा फर्जी कमेटी के मुखिया को दरकिनार कर दिया गया। इस कमेटी में जिला परिवहन अधिकारी के साथ-साथ अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया और उसके बाद लॉटरी सिस्टम से रिक्शा चालकों को रूट आवंटित किए गए थे।