शाजापुर जिले में एससी-एसटी के लोगों पर बढ़ते अत्याचार को रोकने के लिए अखिल भारतीय बलाई महासंघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाज के लोग एक दिवसीय धरने पर कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर बैठे। इस दौरान समाजजनों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी रक पुलिस पर कई आरोप प्रत्यारोप लगाए।
शाजापुर जिले में एससी एसटी के लोगों के साथ आये दिन अत्याचार हो रहे हैं, जिसको लेकर एक दिवसीय धरना कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर दिया जा रहा है, जिसमें अखिल भारतीय बलाई महासंघ के पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं समाजजनों ने सहभागिता की। धरने से पूर्व सभी ने एकमत होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को ज्ञापन सौंपा।
अखिल भारतीय बलाई महासंघ प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम मालवीय ने बताया कि ग्राम टाण्डा उमरोद में बलाई समाज के मानसिंह मालवीय व उसकी पुत्रवधू पर जानलेवा हमला किया गया और उनके हाथ पैर तोड़ दिए। इस मारपीट की घटना में धाकड़ समाज के लोग शामिल है। मारपीट की शिकार कमला बाई एवं लाड़कुंवर बाई का नाम भी पुलिस ने एफआईआर में नहीं जोड़ा है। लालजीराम मालवीय डंगीचा वाले की हत्या के मामले में शाजापुर (कोतवाली) पुलिस ने कोई छानबीन नहीं की और घटना रहस्यमय बनकर रह गई है।
ग्राम बिजनाखेड़ी के कालुराम व उसके भाई अमरसिंह की निजी जमीन पर बिना उसकी अनुमति के सौर ऊर्जा कंपनी द्वारा कब्जा कर लिया गया है। ग्राम उचोद में बलाई समाज के लोगों पर मारपीट करने वाले गायरी गुर्जर समाज के लोगों के विरूद्ध प्रकरण में शासन द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। ऐसी कई घटनाओं को याद दिलाकर उन्होंने धरना दिया है। वहीं प्रशासन को चेताया है कि जल्द से जल्द इन सभी मामलों में प्रशासन कार्यवाही करें अन्यथा समाज सड़क पर उतरेगा और उग्र आंदोलन करेगा।