डबरा। विकासखंड के शासकीय विद्यालय अब भगवान भरोसे चल रहे हैं। शासकीय प्राथमिक विद्यालय चक उभरासी में करीब 5 शिक्षक पदस्थ है, लेकिन तीन ही शिक्षक यहां बच्चों को पढ़ा रहे हैं, दो शिक्षक अपने दायित्व का निर्वहन करते कहीं दिखाई नहीं देते हैं। यहां पर पढ़ने वाले विद्यार्थी भी समय पर विद्यालय पहुंचते हैं, लेकिन शिक्षकों की अनुपस्थिति के चलते उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं ने बताया कि स्कूल परिसर की साफ सफाई भी शिक्षकों के कहने पर हमें ही करनी पढ़ती है।
आपको बता दें मध्य प्रदेश सरकार शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में इसलिए पदस्थ कर रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं के शिक्षा के स्तर में इजाफा हो और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर विद्यार्थी जिला स्तर पर अपना स्थान बना सके। लेकिन यहां तो कुछ और ही देखने को मिल रहा है। शिक्षक सरकार से तनख्वाह के रूप में एक मोटी रकम तो लेते हैं लेकिन छात्रों को पढ़ाने के नाम पर विद्यालय में नादारद मिलते हैं।
जब वॉईस ऑफ एमपी की टीम ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय का दौरा किया तो बच्चों ने आप बीती मीडिया के कैमरे के सामने बताई। मौजूद बच्चों से पूछा तो उन्होंने बताया कि यहां पर कोई पढ़ाई नहीं होती है और ना ही समय पर कोई शिक्षक आते हैं। जब इस विषय में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अतर सिंह अहिरवार से बात की तो उन्होंने मीडिया से दूरी बनाते हुए कनी काट ली।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारी इन शिक्षकों पर क्या कार्रवाई करते हैं। बड़ी बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार लाडली बहन योजना चलाकर अपनी सरकार तो पुन स्थापित कर लेती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपने भांजे एवं भांजियों को भगवान भरोसे छोड़ रही है।