इंदौर। शहर में एक किराना दुकान में मंगलवार सुबह भीषण आग लग गई। एक महिला जिंदा जल गई। पैरालिसिस होने के कारण वह बाहर नहीं आ सकी। 60 प्रतिशत जलने और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। महिला का बेटा और पति भी झुलस गए। उनकी हालत खतरे से बाहर है। दोनों का इलाज चल रहा है। आग पर आधे घंटे बाद काबू पाया जा सका।
घटना परदेशीपुरा इलाके की क्लर्क कॉलोनी की है। यहां मांगीलाल बद्रीलाल ब्रदर्स की किराना दुकान में सुबह 10.25 बजे लगी। दुकान जितेंद्र गोयल उर्फ पप्पू की है। परिवार दुकान के ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर रहता है। घरवालों के बाहर निकलने का रास्ता दुकान से ही है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। घटना के वक्त दुकान बंद थी।
जितेंद्र के भतीजे चेतन ने बताया, जब लपटें उठीं, तब फर्स्ट फ्लोर पर चाचा जितेंद्र, चाची अनीता, उनका छोटा बेटा मयंक थे। नीचे लपटें होने और ऊपर घर में धुआं घुसने से तीनों बुरी तरह घिर गए। चाची अनीता को पैरालिसिस होने से वह उतर नहीं पा रही थीं। 18 साल के बेटे मयंक और चाचा ने उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं रहे। इस दौरान दोनों झुलस गए।
सूचना के करीब आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। आग बुझाई गई और तीनों को बाहर निकाला। इसमें चाची की हालत गंभीर थी। सुबह 11.30 बजे अस्पताल में दम तोड़ दिया। मयंक और चाचा का इलाज जारी है। भतीजे चेतन ने बताया कि अंकल जितेंद्र के दो बेटों में से एक मयंक घटना के वक्त मां के साथ था। बड़ा बेटा विकास शहर से बाहर गया था। उसे सूचना देकर बुलवाया गया है।
एसीपी विनोद दीक्षित के मुताबिक कुल तीन लोग चपेट में आए हैं। महिला अनीता गोयल की मौत हो गई है। बेटा मयंक और उनके पति पप्पू घायल हुए हैं। महिला सीढ़ियों से उतर नहीं पाने से 60 प्रतिशत तक जिंदा जल गई थी।