खरगोन। शिल्प के अधिष्ठाता देव भगवान विश्वकर्मा जी की जयंती समाजजनों ने महोत्सव के रुप में मनाई। घर-घर शिल्पकारों ने भगवान विश्वकर्मा का पूजन कर चालीसा का पाठ किया। इसके बाद अपने ओजारो का भी पूजन किया। ओरंगपुरा स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर में भी सुबह से शाम तक धार्मिक अनुष्ठान किए गए। यहां विराजित प्रतिमा का सुबह पूजन अभिषेक कर गुजराती लोहार समाजजनो ने भव्य शोभायात्रा निकाली।
समाज के संजय कर्मा, जितेंद्र कर्मा ने बताया शोभायात्रा में सुसज्जित बग्घी पर भगवान विश्वकर्माजी की प्रतिमा स्थापित की गई। गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में रास्तेभर समाजजनों ने भगवान विश्वकर्मा के जयकारे लगाए। कई उत्साही युवा एवं महिलाओं ने भजनों की धुन पर गरबा नृत्य भी किया। इसके अलावा जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत भी किया गया। शोभायात्रा ओरंगपुरा, नवग्रह मंदिर तिराहा, कालिका मंदिर, गणेश मंदिर, लिंक रोड से पुराना पुल होते हुए वापस मंदिर पहुंची। जहां महाआरती कर यात्रा को विराम दिया गया।