इंदौर। मारवाड़ियों की सबसे पुरानी संस्था अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन (1935) कोलकाता की इंदौर शाखा के गठन हेतु एक मीटिंग रविवार को आयोजित की गई। इसमें वरिष्ठ मारवाड़ी समाजजन ने इकट्ठे होकर संकल्प लिया कि इंदौर नंबर वन होने से यह संस्था भी इंदौर में नंबर वन होकर रहेगी। शुरुआत में ही 11 लोगों ने सदस्यता ग्रहण की और तय किया कि प्रत्येक सदस्य कम से कम 10 मेंबर बनाएगा।
संस्था के प्रतिनिधि के रूप में कटनी से शरद सरावगी आए। उन्होंने आह्वान किया कि मारवाड़ी समाज सबसे अधिक टैक्स, सबसे अधिक रोजगार देने वाला समृद्ध समाज है, फिर भी देश की राजनीति में कोई प्रतिनिधित्व नहीं। अब मारवाड़ी को पूरे देश में एकजुट होना है। अब देश की प्रगति में हमारे योगदान का एहसास कराने का वक्त आ गया है।
संस्था के इतिहास के बारे में जानकारी दी
इस मीटिंग में बतौर मुख्य अतिथि अरुण चौखानी भी मौजूद थे, जिनके दादाजी ष्रायबहादुर स्व. रामदेव चौखानी ने सन् 1935 में ष्अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलनष् कलकता की स्थापना की थी। उनके पौत्र अरुण चौखानी अब इंदौर निवासी हैं। उन्होंने गणेश आराधना के साथ ही प्रेरक उद्बोधन में संस्था के इतिहास के बारे में जानकारी दी। इंदौर शाखा की स्थापना पर खुशी जाहिर कर सभी उपस्थित मारवाड़ी साथियों को संकल्प दिलाया कि हरेक सदस्य कम से कम 10 मेंबर जोड़े।
इस अवसर पर राजस्थान नागरिक परिषद् प्रमुख राधेश्याम शर्मा और सुभाष गोयल भी मौजूद थे। उन्होंने चिंता जाहिर की कि नई पीढ़ी न तो मारवाड़ी भाषा जानती है, न संस्कार... इसलिए यह पहल अनुकरणीय है। उनका सम्मान किया कटनी के शरद सरावगी ने। शरद सरावगी का सम्मान डॉ. बनवारी जाजोदिया ने किया। इस महत्वपूर्ण मीटिंग में समाज के 21 वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने इंदौर की शाखा के शीघ्र गठन पर जोर दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार लोहिया ने मारवाड़ी साथियों को धन्यवाद दिया। डॉ. बनवारीलाल जाजोदिया ने आभार माना।