रतलाम। प्राइवेट स्कूल में प्रशासन की कार्रवाई के दो दिन बाद भी स्कूल प्रबंधन व प्रिंसिपल सामने नहीं आए। जिला शिक्षा अधिकारी सोमवार शाम तक अपनी रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर राजेश बाथम को सौंपने की तैयारी कर रहे थे। आगे की कार्रवाई का निर्णय कलेक्टर को लेना है। स्कूल में हुई अचानक कार्रवाई से दूसरे स्कूलों में भी हड़कंप मच गया है।
बता दे कि रविवार को जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से डेलनपुर स्थित श्री चेतन्य टेक्नो स्कूल में छापा डाला था। शिकायत मिली थी स्कूल परिसर से ही पैरेंट्स को मनमाने दामों में किताबे व यूनिफॉर्म बेची जा रही है। अधिकारियों को स्कूल परिसर के अलग-अलग कक्षों में बड़ी मात्रा में किताबे व यूनिफॉर्म व अन्य सामग्री मिली थी। पंचनामा बनाकर सभी सामग्री को एक कक्ष में रख ताला लगाकर सील कर दिया था। पांच घंटे तक अधिकारी स्कूल में इस कार्रवाई को करते रहे। लेकिन ना तो प्रबंधन से सामने कोई आया और नहीं स्कूल प्रिंसिपल। अगले दिन सोमवार को भी यहीं स्थिति रही। जो सामग्री जब्त की है उसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपए है। स्कूल प्रशासन हैदराबाद से सामग्री मंगाकर बच्चों को बेच रहा था।
स्कूल के खातों की होगी जांच
विभागीय अधिकारी अब स्कूल के बैंक अकाउंट्स की भी जांच करेंगे। देखा जाएगा कि फीस समेत किताबों व यूनिफॉर्म के ऑनलाइन कितने रुपए लिए जा रहे थे। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन को भी नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमाने दामों पर स्कूल परिसर से बुक्स व यूनिफॉर्म देने के मामले में 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लगने की भी बात कही थी। जो जानकारी दी उसमें स्कूल का नाम नहीं
जो जानकारी दी उसमें स्कूल का नाम नहीं
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले सभी प्राइवेट स्कूलों को अपने-अपने स्कूलों के कोर्स से संबंधित किताबों की जानकारी किमत के साथ देना होती है। अधिकारियों को स्कूलों में जाकर इसकी जांच करना होती है। लेकिन श्री साई टेक्नो स्कूल द्वारा शिक्षा विभाग को कोर्स से संबंधित जो जानकारी दी है वह लिस्ट स्कूल के नाम के बिना दी है। विभागीय अधिकारियों ने कोर्स की जानकारी को क्रास चौक भी नहीं किया। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने दिन तक विभागीय अधिकारी क्या कर रहे थे।
डीईओ केसी शर्मा ने बताया स्कूल के बैंक डिटेल्स की भी जांच की पालकों को दिए जाने वाले कोर्स से संबंधित कुछ रसीदे मिली है जिसकी जांच की जा रही है। आगामी कार्रवाई कलेक्टर के निर्देशानुसार होगी। स्कूल प्रबंधन को नोटिस भी दिया जाएगा।