उज्जैन। महाकाल मंदिर के आउटसोर्स कर्मचारी मंगलवार सुबह महाकाल लोक स्थित कंट्रोल रूम के पास धरने पर बैठ गए। वे सेलरी संबंधित मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे। बात अधिकारियों तक पहुंची तो उन्हें समझाकर हटा लिया गया।
पहले भी कई बार विवादों में रही केएसएस कंपनी महाकाल मंदिर में आउटसोर्स का काम देख रही है। महाकालेश्वर मंदिर में कंपनी सफाई और सुरक्षा का काम देखती है। आउटसोर्स के करीब दो दर्जन से अधिक कर्मचारी सुबह धरने पर बैठ गए। बताया जा रहा है कि कर्मचारी वेतन में कटौती से नाराज हैं।
कर्मचारियों पर आउटसोर्स के अधिकारियों का दबाव इतना था कि किसी ने भी मीडिया से बात नहीं की। खबर फैलते ही उन्हें प्रदर्शन से उठा दिया गया। कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कंपनी के अजय चावरे सैलरी पूरी नहीं देते हैं, साथ ही दिवाली पर मिले बोनस में से भी उन्होंने राशि काटकर दी थी। अभी भी दिसंबर से सैलरी काटकर दी जा रही है। महाकाल मंदिर समिति द्वारा कंपनी पर लगाई गई पेनल्टी पर कर्मचारियों की सैलरी से काट दी गई।
महाकाल मंदिर के प्रशासक मृणाल मीणा ने बताया कि कंपनी का इंटरनल मेटर है। फिर भी हम दिखवा रहे हैं। कंपनी को नोटिस देकर जवाब लिया जाएगा।