भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकार के विभागों ने ही राशि खर्च करने के बाद हिसाब नहीं दिया है। बीते 8 सालों में पांच विभागों ने 20 हजार करोड़ खर्च करने के बाद राशि का ब्यौरा नहीं दिया है। यह खुलासा कैग की रिपोर्ट में हुआ है। इनमें पंचायती राज विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, खाद्य आपूर्ति, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय कल्याण विभाग ने उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया है।
कैग (भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की आपत्ति है कि 19 हजार से अधिक काम हुए लेकिन विभागों ने हिसाब नहीं दिया है। बता दें कि कंप्लीशन सर्टिफिकेट से ही तय होता है कि सरकार की योजनाओं का जनता को मिला या नहीं। हिसाब नहीं मिलने से योजनाओं का लाभ की समुचित जानकारी नहीं मिल पाती है।