मंदसौर। अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) मंदसौर द्वारा शनिवार को भगवान पशुपतिनाथ की नगरी में जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य आयोजन किया जाएगा। दोपहर 2 बजे शहर के घण्टाघर से शुरू होने वाली इस रथयात्रा में शाही रथ में जगन्नाथ धाम पुरी से आए भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलदाऊ के श्रीविग्रह को विराजित कर नगर भ्रमण कराया जाएगा।
इस शाही रथ को करीब 250 फीट लंबी रस्सी से भक्त खीचेंगे। यात्रा से पूर्व यात्रा मार्ग में जगह-जगह आकर्षक रंगोलियां सजाई जाएंगी, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। इस्कॉन सेंटर मंदसौर के धीरज पोरवाल ने बताया कि पुराणों के अनुसार रथयात्रा का अति महत्व है। रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ के दर्शन मात्र से पुनर्जन्म नहीं लेना पड़ता। सारे पापों से मुक्ति मिलती है। रथ की रस्सी को खींचने से मोक्ष की प्राप्त होती है। अगर कोई व्यक्ति भगवान जगन्नाथ के रथ के आगे या पीछे ही भ्रमण कर ले तो उसे भगवान विष्णु के समान पद और ऐश्वर्य प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष मंदसौर नगर में निकली रथयात्रा में हजारों भक्तों ने भाग लेकर पुण्य प्राप्त किया था। इस बार भी भव्य रूप से नगर में रथयात्रा निकलेगी, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। करीब एक माह से वार्डों एवं मोहल्लों में कीर्तन कर रथयात्रा में भक्तों को सम्मिलित होने के लिए आमंत्रण दिया जा रहा है।
इस रथयात्रा में रशिया सहित अन्य देशों से भगवान के भक्त शामिल होकर कीर्तन व नृत्य कर भगवान को रिझाएंगे। यह रथयात्रा 2 बजे घण्टाघर से प्रारंभ होकर, भारत माता चौराहा, गांधी चौराहा, बीपीएल चौराहा, गुप्ता कचोरी रोड़ होते हुए लक्ष्मीबाई चौराहा स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी। जहां भगवान जगन्नाथ के सुंदर विग्रह के दर्शन भी भक्त कर पाएंगे।